यवतमाल में आपस में भिड़ी 2 सरकारी एजेंसियां, पहले बिजली काटी, फिर टैक्स के नाम पर दफ्तर कर दिया सील!

Yavatmal Nagar Parishad vs Mahavitaran: यवतमाल में बिजली कटी तो नगर परिषद ने सील किया महावितरण का दफ्तर! नियम ताक पर रखकर की गई कार्रवाई से दो सरकारी विभागों में टकराव।
Administrative war in Yavatmal: Nagar Parishad seals Mahavitaran office in Umarkhed after power disconnection over ₹10 lakh dues.
यवतमाल न्यूज
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Umarkhed Office Sealed: यवतमाल स्थानीय नगर परिषद द्वारा बिना किसी लिखित पूर्व सूचना या अनुवर्ती कार्रवाई के महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) के उमरखेड़ स्थित उपविभागीय कार्यालय को कर बकाया होने का हवाला देते हुए सील कर दिया गया। महावितरण अधिकारियों ने इस कार्रवाई को नियमविरुद्ध तथा बदले की भावना से प्रेरित बताया है।

अधीक्षक अभियंता प्रवीण दरोली ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद को कर लगाने और उसकी वसूली का अधिकार है, किंतु किसी भी कार्यालय को सील करने से पहले संबंधित विभाग को कुल बकाया राशि की मांग, विधिवत नोटिस तथा आवश्यक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। बिना इन औपचारिकताओं के की गई कार्रवाई अनुचित है।

टोकन डिस्कनेक्शन की दी थी चेतावनी

बताया गया है कि नगर परिषद के जल आपूर्ति योजना तथा जल शुद्धिकरण केंद्र पर दिसंबर 2025 माह का कुल 10 लाख 18 हजार 250 रुपये का बिजली बिल बकाया था। महावितरण ने 17 और 19 जनवरी को ईमेल के माध्यम से तथा प्रत्यक्ष संपर्क कर भुगतान हेतु स्मरण कराया था।

साथ ही 12 फरवरी को 24 घंटे के टोकन डिस्कनेक्शन की चेतावनी भी दी गई थी। निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर महावितरण ने नियमानुसार टोकन डिस्कनेक्शन किया। इसके तुरंत बाद नगर परिषद द्वारा बकाया राशि जमा कर दी गई, जिसके पश्चात बिजली आपूर्ति बिना विलंब के पुनः बहाल कर दी गई।

बिना लिखित नोटिस दिए किया सील

दूसरी ओर, नगर परिषद द्वारा महावितरण पर 5 लाख 65 हजार रुपये के कर बकाया की वसूली हेतु न तो कोई लिखित नोटिस दी गई और न ही कोई पूर्व सूचना जारी की गई। उपकार्यकारी अभियंता प्रशांत अंबाडकर के अनुसार, महावितरण की विधिसम्मत कार्रवाई के प्रतिशोध में कर्मचारियों को बाहर निकालकर कार्यालय सील किया गया, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है।

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