..पलटती तो होता लाशों का अंबार! ट्रक की टक्कर से बेकाबू दौड़ी बस, पेड़ ने बचाई दर्जनों जान, 3 की मौत

Maharashtra Bus Accident: यवतमाल जिले के जलका फाटा पर ट्रक-बस भिड़ंत में 3 की मौत, कई घायल। बस पलटी न होने और ड्राइवर की फुर्ती से बड़ी जनहानि टल गई। हादसे की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
Maharashtra Bus Accident: यवतमाल जिले के जलका फाटा पर ट्रक-बस भिड़ंत में 3 की मौत, कई घायल। बस पलटी न होने और ड्राइवर की फुर्ती से बड़ी जनहानि टल गई। हादसे की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
बस-ट्रक में भिड़ंत (सौजन्य-नवभारत)
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Yavatmal Road Accident: मारेगांव में गुरुवार रात करीब सवा आठ बजे जलका फाटा पर हुए भीषण ट्रक–बस हादसे के संबंध में मारेगांव पुलिस ने प्राथमिक तपास में ट्रक को लापरवाही से चलाने के कारण हादसा होने की पृष्टि की है। जिसके बाद ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं एक गंभीर घायल की यवतमाल अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गई, जिससे मृतकों की संख्या तीन हो गई है।

पुलिस के अनुसार बस के पलटी न होने से बड़ी जनहानि टल गई। 4 दिसंबर को वणी–यवतमाल राज्य मार्ग पर जलका फाटा के पास ट्रक और बस में आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का पूरा एक हिस्सा कटते हुए आगे निकल गया। हादसा होते ही बस चालक बेहोश हो गया, परंतु बस दो–तीन सौ मीटर तक अनियंत्रित होकर सड़क पर आगे बढ़ती रही।

बड़ा हादसा टला

ऐसे में बस के चालक-परिचालक सचिन झिलपे ने तत्परता दिखाते हुए हैंडब्रेक खींचकर बस को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। इससे बस सड़क से नीचे उतरकर एक पेड़ से टकराई और वहीं बंद हो गई, जिससे बड़ा अनर्थ टल गया। आगे की तपास थानेदार श्याम वानखेडे और पुलिस उपनिरीक्षक किसन सुंकुरवार कर रहे हैं।

अब तक 3 लोगों की मौत

इस हादसे में घायल प्रसाद अरुण चिंचोलकर (30 वर्ष, निवासी मेटीखेडा) को यवतमाल शासकीय अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गई। इससे मृतकों की संख्या तीन हो चुकी है। आज दोपहर 12 बजे न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला (फॉरेन्सिक टीम) ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों वाहनों की जांच की। बस के वाहक सचिन झिलपे की शिकायत पर मारेगांव पुलिस ने ट्रक चालक किरण भानुदास करपे (36 वर्ष, बुलढाणा) के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।

विधायक संजय देरकर की तत्परता

घटना के समय विधायक संजय देरकर जलका में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे। जैसे ही उन्हें दुर्घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस बुलवाकर कार्यकर्ताओं की मदद से सभी घायलों को करंजी और पांढरकवडा के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जाता है कि देरकर स्वयं अपनी गाड़ी से भी कुछ घायलों को अस्पताल लेकर गए।

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