यवतमाल में बढा बारिश का जोर, 230 घरों में घुसा बाढ़ का पानी, ईसापुर और बेम्बला बांध के खोले गए 9 गेट
Yavatmal flood: पिछले 2 दिनों में हुई भारी बारिश के कारण पुसद तालुका में ऊपरी पूस बांध 100 प्रतिशत भर गया है और वर्तमान में इसके 27 सेंटीमीटर ओव्हर फ्लो हो रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
यवतमाल में बढा बारिश का जोर (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Yavatmal News: यवतमाल ज़िले में पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। मुसलाधार बारिश के चलते नागरिकों को प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड रहा है। गाज गिरने से किसान समेत 3 मवेशियों की मौत हो गयी है। तो एक चरवाहा बाढ में बह जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। उमरखेड तालुका के 230 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, एहतियात के तौर पर उमरखेड और पुसद तालुका की 20 सड़कों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है क्योंकि पानी सड़कों और पुलों से होकर बह रहा है। इतना ही नहीं, ईसापुर और बेम्बला परियोजनाओं में पानी के भारी जमाव के कारण, बेम्बला बांध के 6 और ईसापुर के 3 गेट खोल दिए गए हैं, प्राकृतिक आपदा विभाग ने जानकारी दी है।
बाढ़ का पानी का पानी घरों में घुसने से कुल 230 घरों को नुकसान पहुंचा है। यह घटना उमरखेड तालुका में सामने आई। इनमें ग्राम सावलेश्वर के 20, चातारी के 130 और शिवाजीनगर-2 के 80 घर शामिल हैं। जिन घरों में बाढ़ का पानी घुस गया, वहां बड़ी मात्रा में अनाज, कपडा और बच्चों की स्कूली सामग्री बर्बाद हो गई। इसके अलावा, कुछ घर ढह गए। उमरखेड तालुका में बारिश के कारण सड़कों और नालों से भारी मात्रा में पानी बह रहा है। इसलिए एहतियात के तौर पर 17 सड़कों को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
उमरखेड और पुसद तालुका में 20 से अधिक सड़कें बंद
इनमें चतारी-उंचवडद, बिटरगांव-चिंचोली संगम, गांजेगांव-हिमायतनगर, देवसरी-हरडप, कोरटा-किनवट, ढाणकी-बिटरगांव, सोइट.-ढाणकी, जेवली-मथुरानगर, धानोरा-मान्याली-बिटरगैंव, भवानी-वालतूर, ब्राह्मणगांव-चातारी, कोपरा बु.-चातारी, दराटी-शिवाजीनगर, सोनदाबी-बोरिवन, चिखली-किनवट, बिटरगांव-भोजनगर आदि सड़कें शामिल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
बुद्ध पूर्णिमा पर जंगल का अद्भुत अनुभव, बोर टाइगर रिजर्व में रोमांचक रात, गूंजी बाघ की दहाड़
यवतमाल के लोहारा में पुराने विवाद में युवक पर जानलेवा हमला सिर पर पत्थर मारकर गंभीर घायल
Yavatmal Agriculture Schemes: यवतमाल में किसानों के लिए अलर्ट, 20 मई तक बनवाएं फार्मर आईडी
यवतमाल में बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘गुड टच-बैड टच’ जागरूकता पर जोर, पोक्सो कानून के साथ सुरक्षा शिक्षा जरूरी
इसके अलावा, पुसद तालुका में शेम्बलपिंपरी-ईसापुर, धानोरा-वडगांव और हिवलनी आदि सड़कें बाढ के चलते यातायात के लिए बंद है। बारिश के कारण पुसद तालुका के ईसापुर बांध में पानी का भारी जमाव हो गया है। इसलिए एहतियात के तौर पर 16 अगस्त को बांध के तीन गेट 50 सेंटीमीटर तक खोल दिए गए। इससे 4988 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह, बाभुलगांव तालुका में बेम्बला बांध के 6 गेट 13 अगस्त को रात 10 बजे 25 सेंटीमीटर तक खोल दिए गए। इससे 126 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी छोड़ा जा रहा है।
पूस नदी में बाढ़ की संभावना
पिछले दो दिनों में हुई भारी बारिश के कारण पुसद तालुका में ऊपरी पूस बांध 100 प्रतिशत भर गया है और वर्तमान में इसके 27 सेंटीमीटर ओव्हर फ्लो हो रहा है। चूंकि यह बांध पूस नदी पर है, इसलिए नदी में कभी भी बाढ़ आ सकती है। इसलिए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। इसके अलावा, आज पूरे दिन जिले में भारी बारिश हुई। इससे किसानों में खुशी का माहौल है।
ये भी पढ़े: गोंदिया में हर्षोल्लास से मनाया स्वतंत्रता दिवस, जिले के समग्र विकास के लिए शासन प्रतिबद्ध: लोढ़ा
गाज गिरने से किसान गंभीर रूप से घायल
खेत में काम करते समय अचानक हुई तूफानी बारिश और गाज गिरने से किसान गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना घाटंजी तालुका के कोच्चि शिवर में 15 अगस्त की दोपहर की बताई जा रही है। ग्राम कोच्चि निवासी किसान कवडू अक्कलवार हमेशा की तरह एक खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान तूफानी बारिश के दौरान अचानक उन पर आकाशिय बिजली गिरी। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, कवडू अक्कलवार गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बिजली गिरने से किसान समेत 3 मवेशियों की मौत
इसके अलावा, जंगल में चर रही दो गायें और एक बैल भी बिजली गिरने से मारे गए। ये घटनाएं 15 अगस्त की शाम को जिले के विभिन्न तालुकों में हुईं। 15 अगस्त की दोपहर पुसद तालुका के का-होल शिवार में हुई। किसान सतीश उत्तम ढगे और दत्ता सुरेश पवार जंगल में अपनी गायों को चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली गिरने से दोनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई।
अन्य घटना मारेगांव तालुका के मार्डी में हुई। इसमें मार्डी निवासी विनोद चंदनखेड़े अपने खेत में बैल चरा रहे थे। उन पर भी बिजली गिरी और बैल गंभीर रूप से घायल होकर मर गया। इन तीनों घटनाओं की जानकारी मिलते ही स्थानीय मंडल अधिकारी और पटवारी ने मौके पर जाकर घटना का पंचनामा किया और रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेज दी गई है।
