Yavatmal News: इथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति पर सरकार को घेरा, सामाजिक कार्यकर्ता का तीखा हमला
Ethanol Blended Fuel: इथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति और विदर्भ मेट्रो परियोजना को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता वासुदेव विधाते ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
Ethanol Policy (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Vidarbha Metro Project: यवतमाल जिले के झरी जामणी तहसील के सामाजिक कार्यकर्ता वासुदेव विधाते ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति और विदर्भ की बहुप्रचारित मेट्रो परियोजना को लेकर सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का खामियाजा आम वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है, जबकि बड़े-बड़े वादे केवल घोषणाओं तक सीमित होकर रह गए हैं। जारी बयान में विधाते ने कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण लागू होने के बाद वाहन चालकों को आर्थिक नुकसान और तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विदर्भ मेट्रो योजना पर सवाल
ऐसे में यदि डीजल में भी इसी प्रकार का मिश्रण लागू किया गया तो लाखों वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। सरकार को इस दिशा में कोई भी निर्णय लेने से पहले जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, दोष जनता का नहीं, बल्कि व्यवस्था का है।
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यदि इतने वर्षों बाद भी सरकार जमीनी सच्चाई नहीं समझ पा रही है तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए। केवल घोषणाएं और दावे कर जनता को भ्रमित करना लोकतंत्र के हित में नहीं है।
केवल राजनीतिक घोषणाएं बनकर रह गए वादें
विधाते ने विदर्भ के सभी जिलों को नागपुर से जोड़ने की घोषणा वाली मेट्रो परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिस परियोजना को क्षेत्र के विकास का आधार बताया गया था, आज उसकी चर्चा तक सरकार नहीं कर रही है। इससे साफ है कि बड़े-बड़े वादे केवल राजनीतिक घोषणाएं बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि आज की जनता जागरूक है और केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। जनप्रतिनिधियों को भाषणों और घोषणाओं के बजाय विकास कार्यों के आधार पर जनता का विश्वास जीतना होगा।
