यवतमाल में 20.25 करोड़ की नियुक्ति डील का भंडाफोड़, केंद्रीय निगमों में पद दिलाने का झांसा देने वाले गिरफ्तार
Yavatmal Appointment Fraud News: यवतमाल में केंद्रीय निगमों में पद दिलाने का झांसा देकर 20.25 करोड़ रुपये मांगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।
- Written By: अंकिता पटेल
ठगी, नियुक्ति घोटाला, यवतमाल, (सोर्स: सौजन्य AI)
Yavatmal News Fraud Gang: यवतमाल में केंद्रीय सरकारी निगमों में अध्यक्ष और सदस्य पद दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली के बड़े नेताओं से सीधे संपर्क होने का दावा कर राजनीतिक पद दिलाने का लालच देने वाले एक गिरोह को भाजपा के जिला समन्वयक की सतर्कता के चलते बेनकाब कर दिया गया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आरोपियों ने केंद्र सरकार के अधीन आने वाले विभिन्न निगमों और उपक्रमों में अध्यक्ष अथवा सदस्य पद पर नियुक्ति दिलाने का दावा किया था। इसके लिए उन्होंने कथित तौर पर 20 करोड़ 25 लाख रुपये की मांग रखी थी। आरोपियों का कहना था कि उनके दिल्ली के प्रभावशाली नेताओं और उच्च स्तर के राजनीतिक संपर्कों से सीधे संबंध हैं, जिनके माध्यम से वे मनचाहे पदों पर नियुक्ति करवा सकते हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के जिला समन्वयक नितिन भूतड़ा को इस प्रस्ताव पर संदेह हुआ। उन्होंने सतर्कता दिखाते हुए आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और कथित बातचीत के दौरान स्पाय कैमरे की सहायता से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। बताया जा रहा है कि उन्होंने वीडियो रिकॉर्डिंग, बातचीत और अन्य दस्तावेजी प्रमाण पुलिस को सौंपे, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई।
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सरकारी पद दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने केंद्र सरकार के अधीन संचालित 42 निगमों की एक सूची भेजी थी, जो पहली नजर में आधिकारिक दस्तावेज जैसी प्रतीत होती थी। इस सूची के माध्यम से उन्होंने यवतमाल जिले के कुछ राजनीतिक रूप से सक्रिय लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास किया। आरोपियों ने कथित तौर पर कहा था कि सूची में से पसंदीदा निगम चुन लिया जाए और संबंधित पद पर नियुक्ति लगभग तय मानी जाए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस कथित नियुक्ति के बदले आरोपियों ने 20.25 करोड़ रुपये की डील प्रस्तावित की थी। पुलिस का मानना है कि यह सुनियोजित तरीके से लोगों को प्रभाव, राजनीतिक पहुंच और सरकारी पदों का लालच देकर ठगने की कोशिश थी।
शिकायत के आधार पर यवतमाल के अवधूतवाड़ी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लौकिक जगन्नाथ फुलकर, विश्वजीत सुरेश राठोड और गणेश लालसिंग राठोड को गिरफ्तार कर लिया है।
पद दिलाने के नाम पर ठगी, पुलिस जांच तेज
मामले की जांच नंदकुमार काले और उनकी टीम द्वारा की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पहले किसी अन्य व्यक्ति या संगठन को इसी तरह का झांसा देकर ठगने का प्रयास किया था या नहीं। साथ ही उनके राजनीतिक संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
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यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सरकारी नियुक्तियों, बोर्डों और निगमों में पद दिलाने के नाम पर होने वाले दावों की सत्यता जांचे बिना किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी प्रस्ताव या प्रभावशाली संपर्कों के नाम पर मांगी जाने वाली रकम के मामलों में सतर्क रहें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
