‘महा निर्यात-इग्नाइट कन्वेंशन 2026’ के तहत वाशिम में जिला स्तरीय निर्यात कार्यशाला संपन्न
Washim Economic Development: महा निर्यात-इग्नाइट कन्वेंशन 2026 के तहत वाशिम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने निर्यात को आर्थिक विकास की चाबी बताया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Washim Economic Development: महा निर्यात-इग्नाइट कन्वेंशन 2026 (सोर्सः सोशल मीडिया)
Washim Export Workshop: वाशिम जिले के कृषि प्रसंस्करण उद्योग और स्थानीय उत्पादों में व्यापक निर्यात क्षमता है। उद्यमियों को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रहते हुए वैश्विक बाजार की संभावनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए। निर्यात में वृद्धि से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और जिले का समग्र आर्थिक विकास संभव होगा। इसलिए निर्यात को जिले के आर्थिक विकास की चाबी होना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर ने किया।
महाराष्ट्र सरकार के उद्योग संचालनालय के निर्देशानुसार ‘महा निर्यात-इग्नाइट कन्वेंशन 2026’ पहल के अंतर्गत वाशिम में जिला स्तरीय एक दिवसीय निर्यात कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन अवसर पर जिलाधिकारी कुंभेजकर ने उपस्थित उद्यमियों को निर्यात से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
निर्यात आर्थिक विकास की चाबी होनी चाहिए: जिलाधिकारी
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र की महाव्यवस्थापक पूनम घुले, उद्योग सहसंचालक नीलेश निकम, डीजीएफटी के यंग प्रोफेशनल गणेश सोनवणे, एक्जीक्यूटिव ऑफिसर संकेत निनावे, अधीक्षक अभियंता एवं समन्वय अधिकारी मैत्री कक्ष की प्रियदर्शिनी सोनार, जी.एम. इंडिया सेरेमिक सोल्यूशन के संदीप धोटे, एई टीम के सीए अंकित गुप्ता, बीआरएन मोबिलिटी के को-फाउंडर संकेत राजे, पोस्ट विभाग के वरिष्ठ अधीक्षक सी. व्ही. रामा रेड्डी, सहायक व्यवस्थापक उमेश रानोलिया, कृषि उपसंचालक हिना शेख, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी आरिफ शहा, आत्मा प्रकल्प संचालक अनिसा महाबले, उपविभागीय कृषि अधिकारी संतोष वालके सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
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स्थानीय उत्पाद वैश्विक बाजार तक
कार्यक्रम का प्रस्ताविक उद्योग सहसंचालक नीलेश निकम ने प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘महा निर्माण’ उपक्रमों के पीछे सरकार की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के उद्यमियों, निर्यातकों, औद्योगिक संस्थाओं, किसान उत्पादक कंपनियों, स्टार्टअप्स तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को निर्यात प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन देकर स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुँचाना था।
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उद्यमियों ने बड़ी संख्या में इस कार्यशाला में भाग लिया
जिले के विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों ने बड़ी संख्या में इस कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला में विदेश व्यापार संचालनालय, उद्योग विभाग, निर्यात क्षेत्र के विशेषज्ञ, वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा संबंधित शासकीय अधिकारियों ने शासकीय योजनाओं के प्रभावी उपयोग के माध्यम से निर्यात व्यवसाय को सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थितों के प्रति आभार जिला उद्योग केंद्र की महाव्यवस्थापक पूनम घुले ने व्यक्त किया।
