नागपुर में बारिश थमी, किसानों की बढ़ी चिंता; बीज खेतों में ही अटके; कृषि विभाग ने जताई चिंता
Nagpur Rain Crisis: नागपुर में एक सप्ताह से बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में बीज अंकुरित नहीं हो रहे है व कृषि विभाग ने आने वाले सप्ताह को खेती के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर में बारिश थमी, किसानों की बढ़ी चिंता (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: एआई फोटो)
Nagpur Farmers Await Rain: नागपुर जिले के किसानों ने मानसून पर भरोसा करते हुए बुआई कर दी। मानसून रूठ गया। पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। बीज जमीन के अंदर ही पड़े हुए हैं। भारी दबाव बन गया है। एक ओर बीज अंकुरित नहीं हो रहे हैं, तो दूसरी ओर किसानों के आंखों से आंसू आने की नौबत आ गई है। कृषि विभाग भी समझ रहा है। परंतु कुछ करने की स्थिति में नहीं है।
अधिकारियों का भी कहना है कि किसानों के लिए यह सप्ताह ‘अग्निपरीक्षा’ वाला साबित होने जा रहा है। इस सप्ताह बारिश नहीं हुई, तो संकट काफी गहरा सकता है। मौसम विभाग ने 17 से बारिश की संभावना जताई है। अनुमान कितना सटीक होता है, सभी की निगाहें इसी पर टिकी है। अच्छी बात सिर्फ यह है कि ‘तापमान’ नहीं बढ़ा है, जिससे मिट्टी की नमी काफी जगह बनी हुई है।
नमी मुश्किल से और 4-5 दिन ही रह सकती है। इसलिए सभी की निगाहें आसमान की ओर टिकी हुई है। अब देखना है कि इंद्रदेव की मेहरबानी कितनी होती है। इंद्रदेव की मेहराबनी पर ही किसानों की आश है।
सम्बंधित ख़बरें
सोचा था, किसी को क्या पता चलेगा… नागपुर के होटल में चल रही थी ड्रग्स पार्टी, गोंदिया के 3 कारोबारी गिरफ्तार
यवतमाल में बोगस बीज बेचने वाली कंपनियों पर फूटा जिलाधिकारी का गुस्सा, 151 कृषि केंद्रों में बिक्री पर रोक
नागपुर के जंगलों में दोगुने हुए बाघ! जैव विविधता को बड़ी सफलता,पहली आधिकारिक गणना में चौंकाने वाले संकेत
Maharashtra Weather: कोंकण में बरसेंगे बादल, पर विदर्भ-मराठवाड़ा को अभी और सताएगी गर्मी, जानें आज का मौसम
कृषि विभाग की 13 जुलाई 2026 तक की बुआई रिपोर्ट के अनुसार जिले में प्रमुख फसलों की बुआई सामान्य से काफी पीछे चल रही है। सबसे अधिक चिंता धान की फसल को लेकर है जिसकी बुआई लगभग ठप बनी हुई है।
कई तहसीलों में शुरू भी नहीं हो सकी बुआई
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नागपुर जिले में 481165.36 हेक्टेयर क्षेत्र के मुकाबले अब तक 2.96,674 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई पूरी हो चुकी है जो कुल अनुमानित क्षेत्र का लगभग 61 प्रतिशत है।
वहीं जिले में धान का औसत रकबा 97,985.85 हेक्टेयर है, जबकि अब तक केवल 2,305.80 हेक्टेयर (2.35 प्रतिशत) क्षेत्र में ही बुआई हो सकी है। वहीं ज्वार का औसत रकबा 1,509.74 हेक्टेयर है जिसके मुकाबले सिर्फ 27.90 हेक्टेयर (1.85 प्रतिशत) में बुआई दर्ज की गई है। बाजरा की बुआई अब तक शुरू नहीं हुई है।
आ सकती है दोबारा बुआई की नौबत
मौसम विभाग ने 17 जुलाई से वर्षा की संभावना जताई है जिससे किसानों में उम्मीद बनी हुई है। अब सभी की निगाहें इस पूर्वानुमान पर टिकी है। यदि अनुमान के अनुसार बारिश होती है तो खेतों में मौजूद बीजों को अंकुरित होने का अवसर मिल सकता है और फसल को राहत मिलेगी।
राहत की बात यह है कि पिछले दिनों तापमान में अधिक वृद्धि नहीं हुई जिससे अधिकांश क्षेत्रों में मिट्टी की नमी अभी तक कुछ हद तक बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह नमी अधिकतम 4 से 5 दिन तक ही टिक सकती है।
यह भी पढ़ें:-सोचा था, किसी को क्या पता चलेगा… नागपुर के होटल में चल रही थी ड्रग्स पार्टी, गोंदिया के 3 कारोबारी गिरफ्तार
इसके बाद बारिश नहीं होने पर बीजों के खराब होने और दोबारा बुआई की नौबत आ सकती है। ऐसे में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उनकी उम्मीद अब पूरी तरह इंद्रदेव की मेहरबानी पर टिकी है। आने वाले कुछ दिन न केवल खरीफ सीजन बल्कि हजारों किसानों की मेहनत, उम्मीद और आर्थिक स्थिति के लिए भी बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।
कुल खरीफ फसलें (गन्ना फसल को छोड़कर)
| क्र. | तालुका | औसत क्षेत्र (हेक्टेयर) | प्रत्यक्ष बुआई (हेक्टेयर) | बुआई (%) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | नागपुर | 19,496.11 | 4,464.50 | 22.90% |
| 2 | कामठी | 17,742.64 | 11,818.30 | 66.61% |
| 3 | हिंगणा | 30,638.67 | 22,715.90 | 74.14% |
| 4 | सावनेर | 19,968.79 | 30,648.00 | 153.48% |
| 5 | काटोल | 45,073.54 | 39,433.70 | 87.49% |
| 6 | कलमेश्वर | 46,108.98 | 26,257.00 | 56.95% |
| 7 | नरखेड़ | 46,657.66 | 33,323.00 | 71.42% |
| 8 | रामटेक | 32,386.03 | 4,684.00 | 14.46% |
| 9 | पारशिवनी | 30,391.06 | 20,415.00 | 67.17% |
| 10 | मौदा | 58,958.29 | 3,477.00 | 5.90% |
| 11 | उमरेड | 52,619.43 | 36,165.70 | 68.73% |
| 12 | कुही | 44,636.20 | 30,267.00 | 67.81% |
| 13 | भिवापुर | 36,487.96 | 32,755.80 | 89.77% |
| कुल | जिला | 4,81,165.36 | 2,96,424.90 | 61.61% |
