मीन संक्रांति का दिन कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Meen Sankranti Importance: मीन संक्रांति 2026 का दिन और समय जानें, साथ ही पढ़ें इस खास अवसर पर करने वाली पूजा विधि और इसका महत्व।
Meen Sankranti Muhurat
मीन संक्रांति (सौ.सोशल मीडिया)
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Meen Sankranti Muhurat: सनातन धर्म में भगवान सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना गया है। सूर्य एक निश्चित समय पर एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे सूर्य का राशि परिवर्तन कहते हैं। जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तब मीन संक्रांति का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस साल मीन संक्रांति का पावन पर्व 15 मार्च को मनाया जाएगा।

मीन संक्रांति का आध्यात्मिक महत्व

हिन्दू धर्म ग्रथों में मीन संक्रांति का आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। इस दिन स्नान, पूजा, ध्यान और दान का विशेष महत्व है, क्योंकि सूर्य की ऊर्जा से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। हालांकि, सूर्य के गुरु की मीन राशि में प्रवेश होते ही खरमास लग जाएगा, जिसमें शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करने में कोई रोक नहीं होती। मीन संक्रांति का यह पर्व आध्यात्मिक लाभ और घर-परिवार की समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

कब है? मीन संक्रांति

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य देव 15 मार्च 2026 को रात 01:08 बजे शनि की कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन मीन संक्रांति का पावन पर्व मनाया जाएगा और साथ ही खरमास की शुरुआत भी होगी।

मीन संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त

  • पुण्य काल: सुबह 06:41 से दोपहर 12:40 तक
  • महापुण्य काल: सुबह 06:41 से 08:41 तक
  • पुण्य क्षण: रात 01:08 तक

इन शुभ मुहूर्तों में स्नान, ध्यान, पूजा, जप-तप और दान आदि करने से विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं।

मीन संक्रांति कैसे करें पूजा

  • मीन संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर सबसे पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
  • यदि नदी जाना संभव न हो, तो घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • भगवान सूर्यदेव को तांबे के लोटे में जल, थोड़ा सिंदूर, लाल फूल और अक्षत डालकर अर्घ्य दें।
  • अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र का जाप करते रहें।
  • अर्घ्य देने के बाद सूर्य चालीसा और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • पूजा समाप्त करने के बाद कपूर या घी के दीपक से सूर्य देव की आरती करें।
  • इस विधि का पालन करने से मीन संक्रांति के दिन विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं।
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