Congress factionalism (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Congress Setback: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के महासचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश वारजुकर तथा जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष सतीश वारजुकर ने अंततः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया। मुंबई में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के हाथों दोनों वारजुकर बंधुओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर चिमूर क्षेत्र के विधायक बंटी भांगड़िया और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष रविंद्र शिंदे भी उपस्थित थे।
इससे पहले अविनाश और सतीश वारजुकर ने गुरुवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे में उन्होंने चंद्रपुर जिले में कांग्रेस के दो नेताओं के बीच चल रहे अंतर्कलह और उससे उत्पन्न गुटबाजी से परेशान होकर पार्टी छोड़ने की बात कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के कारण ही सतीश वारजुकर चिमूर विधानसभा क्षेत्र से पराजित हुए। इसी गुटबाजी के चलते जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनाव में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में चंद्रपुर मनपा में बहुमत के करीब सीटें होने के बावजूद कांग्रेस सत्ता से दूर रही, जिसके लिए उन्होंने आपसी कलह को जिम्मेदार ठहराया।
गौरतलब है कि दोनों वारजुकर भाइयों ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर भाजपा में प्रवेश की अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी थी। उनके भाजपा में शामिल होने से जिले में कांग्रेस को बड़ा झटका माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि अविनाश वारजुकर वर्ष 1999 में चिमूर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वहीं उनके भाई सतीश वारजुकर जिला परिषद अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने 2014, 2019 तथा 2024 में कांग्रेस की ओर से चिमूर से चुनाव लड़ा, लेकिन हर बार मामूली अंतर से हार गए।
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वारजुकर बंधुओं के भाजपा प्रवेश से जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में चंद्रपुर सीट से भाजपा बंटी भांगड़िया को मैदान में उतार सकती है, जबकि चिमूर विधानसभा सीट से सतीश वारजुकर को टिकट दिया जा सकता है। हालांकि कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को वारजुकर के लिए जोखिम भरा भी बता रहे हैं।
चिमूर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट पर लगातार तीन बार चुनाव लड़ने वाले सतीश वारजुकर ने हाल ही में मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होने की मंशा जताई थी। उस समय उनके साथ अविनाश वारजुकर, विधायक बंटी भांगड़िया, विलास विखार और आवेश खान पठान मौजूद थे। अब उनके औपचारिक प्रवेश के साथ ही जिले की राजनीति में नई हलचल देखी जा रही है।