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गांवों में घुसा धाम डैम का पानी, 25 परिवारों का हुआ सुरक्षित स्थानांतरण, ग्रामीणों में भय का माहौल
Wardha District: बारिश के कारण महाकाली स्थित धाम परियोजना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो गई। इतना ही नहीं, इस परियोजना में लगे 21 स्वयंचलित दरवाजे अचानक खुल गए।
- Written By: आंचल लोखंडे

गांवों में घुसा धाम डैम का पानी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Dham Dam: सोमवार की शाम को आर्वी तहसील के खरांगणा क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। बारिश के कारण महाकाली स्थित धाम परियोजना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो गई।इतना ही नहीं, इस परियोजना में लगे 21 स्वयंचलित दरवाजे अचानक खुल गए। इसके परिणामस्वरूप धाम नदी के जलप्रवाह में अचानक वृद्धि हुई और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। धाम नदी में आई बाढ़ से क्षेत्र के 4 से पांच गांव प्रभावित हुए और देर रात 25 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों को पुरी रात भय व डर में गुजारनी पड़ी। महाकाली स्थित धाम परियोजना की ऊंचाई 1.9 मीटर बढ़ाई गई है। वहां गोडबोले पद्धति के 21 स्वयंचलित दरवाजे लगाए गए हैं, जो जलाशय का पानी एक निर्धारित स्तर तक पहुंचने पर अपने आप खुल जाते हैं।
हाल की मूसलाधार बारिश के चलते धाम परियोजना 100 प्रतिशत भर चुकी है और ओवरफ्लो होकर पानी धाम नदी में छोड़ा जा रहा है। सोमवार की रात सभी दरवाजे खुल गए और नदी में बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा गया। इसके चलते क्षेत्र के काचनुर, खरांगणा, मोरांगणा, कासारखेड़ा और आंजी (बडी) गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई। नदी का पानी गांवों में घरों तक घुस गया, जिससे खरांगणा के लगभग 10 और आंजी (बडी) के 15 परिवारों को देर रात सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। घरों में पानी घुसने से जरूरी घरेलू सामान का भारी नुकसान हुआ है।
जलसंदा विभाग की लापरवाही बनी कारण
महाकाली स्थित धाम परियोजना की जिम्मेदारी वर्धा जलसंदा विभाग की है। यह जलाशय कुछ दिन पहले ही शत-प्रतिशत भर गया था। जानकारी होते हुए भी कि स्वयंचलित दरवाजे बारिश के समय खुल जाते हैं, इस विभाग ने न तो गांवों को पहले से सतर्क किया और न ही बांध संचालन प्रक्रिया पर ध्यान दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी लापरवाही के चलते सोमवार रात को बाढ़ जैसी आपात स्थिति उत्पन्न हुई।
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राहत कार्य के लिए पहुंचे अधिकारी
जैसे ही आर्वी तहसील के काचनुर, खरांगणा, मोरांगणा, कासारखेड़ा और वर्धा तहसील के आंजी बडी में बाढ़ की सूचना मिली, जिला आपदा प्रबंधन और दोनों तहसीलों का प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। तुरंत अधिकारियों ने गांवों में पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया़।
नदी किनारे की खेती हुई बर्बाद
बाढ़ के कारण नदी किनारे की कई खेतों में पानी भर गया, जिससे वे तालाब जैसी दिखने लगीं। तेज बहाव के कारण कई खेतों की जमीन कटकर बह गई। किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गांवों के लोग डर में रातभर जागते रहे कि कहीं पानी फिर से न बढ़ जाए।
नाले के बाढ़ में व्यक्ति बहा
उधर आर्वी तहसील के बोथली किन्हाला में नाले की बाढ़ में एक व्यक्ति बह गया़। उक्त घटना सोमवार की रात प्रकाश में आते ही खलबली मच गई़ मंगलवार, 19 अगस्त की दोपहर बाढ़ में बहे व्यक्ति की खोजबिन चल रही थी़। बोथली किन्हाला निवासी रविंद्र बाबाराव गोंधली अपने दो साथियों के साथ दोपहिया से जा रहा था़। नाले का पानी मार्ग से बह रहा था़। पुलिया से दोपहिया ले जाते समय नियंत्रण खोकर तीनों बहाव की चपेट में आ गए़। इनमें से दोन ने किसी तरह खुद को बचा लिया़। जबकि रविंद्र गोंधली बहाव में बह गया़। सूचना मिलते ही पुलिस व तहसील प्रशासन की टीम बोथली किन्हाला में पहुंची़। आर्वी तहसीलदार हरिष काले के मार्गदर्शन में खोज कार्य चल रहा था़।
Water from dham dam entered the villages 25 families were safely relocated
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