वर्धा न्यूज
Tap Water Scheme Improvement Maharashtra: वर्धा जिले में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिप ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने नल जलापूर्ति योजना और उससे संबंधित सुधार कार्यों को प्राथमिकता दी है। कृति प्रारूप को मंजूरी मिलने के बाद अब इन कार्यों के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए रखे जा रहे हैं।
प्रारूप के अनुसार, दो चरणों में जिले के कुल 302 गांवों में 324 उपाय योजनाओं पर जोर दिया जाएगा। इन परियोजनाओं पर अनुमानित खर्च लगभग 2777.05 लाख रुपये आंका गया है। आवश्यकता अनुसार कार्यों को क्रमबद्ध रूप से अंजाम दिया जाएगा। हाल ही में संबंधित विभाग ने नल जलापूर्ति योजना की 70 प्राथमिक उपाय योजनाओं के कार्यों का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा है।
प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद ही कार्य शुरू किए जाएंगे। गर्मियों में पानी की कमी की स्थिति से निपटने के लिए कृति प्रारूप तैयार किया गया है, जिसमें बोरवेल निर्माण, सार्वजनिक और निजी कुओं का गहराईकरण और नल योजना के विशेष सुधार कार्य शामिल हैं।
पहले चरण में 105 गांवों में 118 नल योजना सुधार कार्य शामिल हैं, जिन पर लगभग 1121.50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, दूसरे चरण में 197 गांवों में 206 उपाय योजनाओं पर काम किया जाएगा, जिन पर अनुमानित खर्च 1655.55 लाख रुपये बताया गया है। सभी कार्य आवश्यकता और प्राथमिकता के अनुसार किए जाएंगे।
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वर्तमान में जिले के कुछ हिस्सों में मार्च माह में ही जलसंकट की स्थिति पैदा हो गई है। विशेषकर आष्टी, कारंजा घाडगे, आर्वी और हिंगनघाट तहसीलों के कुछ गांवों में अप्रैल तक स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से स्थायी उपाय करने और जलसंकट से राहत दिलाने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि नल जलापूर्ति योजना के सुधार कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि गर्मियों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और ग्रामीणों को सहज जलापूर्ति मिल सके।