(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Wardha News: बालकों को निःशुल्क व सख्ती से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत राज्य में आरटीई-25 प्रतिशत अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया चलाई गई है। इसमें जरूरतमंद बालकों को अंग्रेजी माध्यम की स्कूलों में प्रवेश दिया गया है। इस बार शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान प्रवेश के लिए चार राउंड चलाए गए। अंतिम राउंड तक जिले में कुल 1,203 विद्यार्थियों ने स्कूलों में अपना प्रवेश निश्चित किया है। जबकि इस बार 87 सीटें रिक्त रहने की जानकारी शिक्षा विभाग ने दी है।
गत वर्ष की तुलना में इस बार आरटीई में अभिभावकों का प्रतिसाद अच्छा रहा। जिला भर से करीब 4,940 अभिभावकों ने इस प्रक्रिया में भाग लेकर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन दर्ज किया था।
बता दें कि जरूरतमंद व होनहार विद्यार्थी कई बार आर्थिक संकट के कारण अच्छी स्कूलों में नहीं पढ़ पाते। ऐसे विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए सरकार ने आरटीई प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है। हर साल यह प्रक्रिया चलाई जाती है। इसमें जिले में रजिस्ट्रेशन की गई स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाती हैं। इन सीटों पर ऑनलाइन ड्रॉ के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है।
वर्ष 2025-26 के लिए वर्धा जिले में कुल 114 स्कूलों का पंजीयन किया गया था। इन स्कूलों में करीब 1,291 सीटें आरक्षित रखी गई थीं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मंगवाए गए थे। जिलेभर से करीब 4,940 अभिभावकों ने पोर्टल पर अपने आवेदन दर्ज किए थे।
शैक्षणिक सत्र आरंभ होते ही ड्रॉ खोला गया। जिन विद्यार्थियों का नाम ड्रॉ में निकला, उनके पालकों को संदेश भेजे गए। इसके पश्चात पालकों ने संबंधित स्कूलों में आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपना प्रवेश निश्चित करना शुरू कर दिया। पहले दो चरणों के बाद तीसरे चरण में प्रतीक्षा सूची के विद्यार्थियों को अवसर मिला। इसके बाद अंतिम, चौथा राउंड लिया गया।
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प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने तक जिले की 114 स्कूलों में कुल 1,203 विद्यार्थियों ने अपना प्रवेश निश्चित किया है, जबकि इस वर्ष आरटीई में 87 सीटें खाली रहीं। गत वर्ष बड़ी मात्रा में सीटें खाली रही थीं। पिछली तुलना में इस बार अभिभावकों द्वारा आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को अच्छा प्रतिसाद मिला है।