

आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने का भी विधान है। शास्त्रों में बताया गया है कि, इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने करने से मोक्ष की प्राप्ति और जीवन में सुख-सौभाग्य की वृद्धि होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस पावन दिन किए गए कुछ सरल उपाय विवाह में आ रही बाधाओं को दूर कर सकते हैं, धन लाभ के अवसर बढ़ा सकते हैं, करियर में सफलता दिला सकते हैं और रुके हुए कार्यों को गति प्रदान कर सकते हैं। आइए जानते हैं आमलकी एकादशी से जुड़े आसान और शुभ उपाय।
आमलकी एकादशी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से धन संपति में वृद्धि होती है।
आमलकी एकादशी के शुभ दिन पर आप आंवले के वृक्ष की विधिपूर्वक पूजा करें। इसके बाद 7 बार पेड़ की परिक्रमा कर लें। इस दौरान शुद्ध देसी घी का दीपक अवश्य जलाएं। इससे मानसिक शांति बनी रहती हैं।
आमलकी एकादशी पर शंख में गंगाजल भर कर भगवान विष्णु अभिषेक करें। इस उपाय को करने से सभी पापों से मुक्ति मिल सकती हैं।
आमलकी एकादशी के दिन आंवला का सेवन करें। कहा जाता है कि इससे सेहत संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती हैं।
आमलकी एकादशी पर आप केले के वृक्ष की पूजा अवश्य करें। धार्मिक ग्रंथों में इसे विष्णु स्वरूप माना गया है। पेड़ के पास आप दीप प्रज्वलित करते हुए प्रभु के नामों का जप करें। इससे वैवाहिक जीवन मधुरमय बनता है।
आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु को एकाक्षी नारियल को पीले कपड़े में लपेट कर चढ़ाएं। इससे व्यापार, निवेश और नौकरी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
आमलकी एकादशी के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। इस दौरान देवी पार्वती को 16 श्रृंगार का सामान अर्पित करें। फिर बेलपत्र शिवजी को चढ़ाएं। इससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती हैं।