Pulgaon bridge issue (सोर्सः सोशल मीडिया)
Pulgaon Bridge Issue: वर्धा नदी पर बना छोटा पुल जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। आवागमन के दृष्टिकोण से यह पुल बेहद महत्वपूर्ण है। इसके नवीनीकरण के लिए 40 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई थी, लेकिन यह फंड अब भी मंत्रालय की फाइलों में अटका हुआ है। ऐसे में नागरिकों ने राजेश बकाने से गुहार लगाते हुए जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
वर्षों पहले जब हाईवे मार्ग नहीं था, तब से यह पुल वर्धा और अमरावती जिलों को जोड़ने का प्रमुख साधन रहा है। लेकिन पिछले कई वर्षों से यह पुल उपेक्षा का शिकार है। इसके कारण विटाला ग्राम पंचायत के नागरिकों को पुलगांव पहुंचने के लिए लगभग 5 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर हाईवे के पुल से गुजरना पड़ता है। यह स्थिति पैदल चलने वाले ग्रामीणों, छात्रों और मरीजों के लिए बेहद कठिन और जोखिमभरी है। मजबूरी में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इसी जर्जर पुल का उपयोग कर रहे हैं।
इसी मार्ग पर संत भिकाराम महाराज का देवस्थान स्थित है, जहां दिन-रात श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। पुल की खराब स्थिति के कारण चारपहिया वाहन यहां से नहीं गुजर पाते, जिससे भक्तों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
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विधानसभा चुनाव से पहले विधायक राजेश बकाने ने जनसभा में वादा किया था कि इस पुल का नवीनीकरण उनके प्राथमिक कार्यों में शामिल होगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर 40 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दिलाई थी। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अरुण मुक्तिलवार ने भी इसकी पुष्टि की थी। हालांकि, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
वर्तमान में नदी का पाट सूख चुका है। यदि इस समय पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाए, तो वर्षा ऋतु से पहले इसे पूरा कर आम जनता के लिए मार्ग खोला जा सकता है। फिलहाल पुल के दोनों ओर दीवार बनाकर केवल दोपहिया वाहनों का आवागमन संभव है। चारपहिया वाहनों को 5 किलोमीटर लंबा खराब रास्ता तय करना पड़ता है। नागरिकों को उम्मीद है कि विधायक अपने वादे को पूरा करते हुए जल्द ही इस पुल का नवीनीकरण कराएंगे।