

Wardha Municipal Council Elections: वर्धा नगर परिषद चुनाव से कुछ ही घंटे पहले प्रभाग क्रमांक 15 के अनुमाई नगर में लगाए गए बहिष्कार के पोस्टरों ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। ‘नल में पानी नहीं तो मतदान नहीं’, इस स्पष्ट घोषणा के साथ नागरिकों ने चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। वर्षों से लंबित पानी आपूर्ति समस्या को लेकर लोगों में गहरा रोष निर्माण हुआ है।
अनुमाई नगर को ले–आउट मंजूरी मिले कई साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। अमृत योजना के अंतर्गत छह वर्ष पहले घर-घर नल और पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन मुख्य पाईपलाइन को पानी की टंकी से जोड़ने का महत्वपूर्ण काम नगर परिषद की उदासीनता के कारण अधूरा रह गया। स्थिति यह है कि नल और पाइप तो हैं, मगर उनमें से एक बूंद भी पानी नहीं बहता।
इसी वजह से नागरिकों का आक्रोश चरम पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय नेताओं की ओर से वादों की झड़ी लगा दी जाती है, लेकिन काम के नाम पर कुछ नहीं होता। पिछले जनप्रतिनिधियों ने वार्ड की समस्याओं से मुंह मोड़ लिया था, और अब नए उम्मीदवार भी वही पुराने आश्वासनों का राग अलाप रहे हैं।
नागरिकों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होती, तब तक वे वोट नहीं डालेंगे। परिसर में बड़े-बड़े फलक और पोस्टर लगाकर लोगों ने अपना विरोध दर्शाया है। चुनावी माहौल के बीच उठे इस बहिष्कार ने उम्मीदवारों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है और प्रशासन भी दबाव में आ गया है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या नगर परिषद तुरंत कदम उठाएगी या नागरिकों का यह आक्रोश और भड़ककर बड़ा आंदोलन रूप लेगा।