यातायात भीड़ कम करने के लिए बड़ा फैसला, राज्य में नए ऑटो परमिट जारी करना बंद

Maharashtra Government ने बढ़ती यातायात भीड़ और प्रदूषण को देखते हुए 9 मार्च से नए ऑटो-रिक्शा परमिट जारी करने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी है। प्रताप सरनाईक ने कहा कि जल्द ही नई नीति बनाई जाएगी।
Pratap Sarnaik
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Auto Rickshaw Permit Ban: राज्य में बढ़ती यातायात भीड़ और शहरी प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 9 मार्च से पूरे राज्य में नये ऑटो-रिक्शा को परमिट जारी करने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

यह घोषणा परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने की है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के साथ चर्चा करके एक स्पष्ट नीति और एसओपी तैयार करने के बाद ही आगे नये परमिट जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा।

मंत्री सरनाईक ने बताया कि राज्य के बड़े शहरों में ऑटो-रिक्शा की संख्या बहुत अधिक बढ़ गई है, जिससे यातायात भीड़ की समस्या गंभीर होती जा रही है। खासकर मुंबई और उसके उपनगरों में रिक्शाओं की संख्या ज्यादा होने से यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।

इसी पृष्ठभूमि में कुछ समय के लिए नये परमिट देने की प्रक्रिया रोकने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार से पत्राचार करने के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य सरकार को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की सलाह दी है।

केंद्र ने स्पष्ट किया है कि मोटर वेकल्स (अमेंडमेंट) एक्ट, 2019 के तहत राज्य सरकारों को यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक अधिकार और लचीलापन दिया गया है।

साथ ही मोटर वेकल्स एक्ट, 1988 की धारा 67(3) के अनुसार राज्य सरकार को यात्री और माल परिवहन से जुड़े परमिट में बदलाव करने तथा विभिन्न योजनाएं लागू करने का अधिकार है। इन अधिकारों का उपयोग करके यातायात भीड़ कम करना, अंतिम चरण संपर्क व्यवस्था सुधारना और शहरों की यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करना संभव है।

जल्द ही नई नीति की जाएगी तैयार सरनाईक ने आगे कहा कि राज्य में 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में ऑटो-रिक्शा परमिट से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार राज्य सरकार के पास है, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों, यातायात की जरूरतों और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही नई नीति तैयार की जाएगी।

राज्यभर में करीब 14 लाख ऑटोरिक्शा परमिट

मंत्री सरनाईक ने बताया कि फिलहाल राज्यभर में करीब 14 लाख ऑटो-रिक्शा परमिट जारी किए जा चुके हैं। कुछ स्थानों पर एक ही परिवार के कई सदस्यों को परमिट दिए जाने की शिकायतें मिली है। इसके अलावा कुछ मामलों में बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध तरीके से परमिट मिलने की भी शिकायते सरकार को प्राप्त हुई हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए परमिट व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

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