Afghan-Pakistan सीमा पर भारी तनाव… तोरखम बाजार में आग से 300 मिलियन का भारी नुकसान

Afghan Pakistan Tension: अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने पाक सेना पर क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप लगाया। तोरखम बाजार में गोलाबारी से 150 दुकानें जलीं और 300 मिलियन का नुकसान हुआ है।
Afghan-Pakistan Border Conflict Escalates: Torkham Market Fire Causes 300 Million Loss
अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Escalating Border Conflict Impacts Regional Stability: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ ले चुका है जिससे पूरे क्षेत्र की शांति दांव पर लगी है। बढ़ते सीमा संघर्ष से क्षेत्रीय स्थिरता पर असर के बीच अफगान विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाते हुए शांति की अपील की है। रविवार तड़के तोरखम के एक व्यापारिक बाजार में हुई गोलाबारी ने न केवल संपत्तियों को राख कर दिया बल्कि सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी भी छीन ली है। दोनों देशों के बीच बढ़ती यह सैन्य तनातनी न केवल कूटनीतिक रिश्तों को खत्म कर रही है बल्कि आम जनता को भी भारी संकट में डाल रही है।

सैन्य तनाव और भारी आर्थिक नुकसान

तोरखम सीमा के पास स्थित एक कमर्शियल मार्केट में रविवार सुबह करीब 4 बजे अचानक हुए हमलों ने अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। मेयर मौलवी अब्दुल्ला मुस्तफा के अनुसार कई गोले बाजार के पास गिरे जिससे भीषण आग लग गई और देखते ही देखते 150 से ज्यादा दुकानें जलकर राख हो गईं। बाजार के मालिक ने बताया कि इस दुखद घटना में लगभग 300 मिलियन का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है जो स्थानीय व्यापारियों के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।

अफगान विदेश मंत्री के तीखे प्रहार

काबुल में आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने पाकिस्तानी आर्मी जनरलों पर जमकर निशाना साधा और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व अपने ही देश के सांसदों और जनता के साथ टकराव में उलझा हुआ है और अपनी नाकामियों का दोष दूसरों पर मढ़ रहा है। मुत्तकी ने साफ शब्दों में कहा कि बातचीत के बजाय दबाव और टकराव की नीति अपनाने से क्षेत्रीय विरोध और अधिक मजबूत होगा, जिससे हालात बिगड़ेंगे।

आरोपों और प्रत्यारोपों का सिलसिला

पाकिस्तानी अधिकारी बार-बार यह दावा कर रहे हैं कि टीटीपी जैसे समूह अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल हमले करने के लिए कर रहे हैं जिसका तालिबान ने खंडन किया है। मुत्तकी का तर्क है कि टीटीपी कोई नया संगठन नहीं है और यह तालिबान के सत्ता में आने से बहुत पहले से पाकिस्तान में सक्रिय रहा है। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर प्रवासियों को बेरहमी से निकालने और व्यापारिक मार्ग बंद करने के साथ-साथ उसकी संप्रभुता के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है।

ऑपरेशन गजब लिल-हक और जवाबी कार्रवाई

सीमा पर जारी इस संघर्ष की शुरुआत 21 फरवरी को हुई थी जब पाकिस्तान ने अफगान सीमा के अंदर कुछ संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया था। इसके जवाब में 27 फरवरी को तालिबान सेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर अपनी तरफ से कड़ी कार्रवाई की जिसके बाद पाकिस्तान ने "ऑपरेशन गजब लिल-हक" शुरू किया। वर्तमान में दोनों सेनाओं के बीच जारी यह गोलीबारी न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है बल्कि इससे बेगुनाह नागरिकों की संपत्ति को भी नुकसान पहुँच रहा है।

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