
एमजीआईएमएस-सेवाग्राम (सोर्सः नवभारत)
Wardha MGIMS News: महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एमजीआईएमएस) और कस्तूरबा हेल्थ सोसायटी, सेवाग्राम में कार्यरत प्रयोगशाला तकनीशियन कर्मचारियों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर 21 जनवरी से बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है। अनशन का मुख्य उद्देश्य नियमितीकरण, उचित वेतन श्रेणी तथा अन्य वैधानिक लाभों की मांग है।
अनशन पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि विज्ञापन में उन्हें प्रयोगशाला तकनीशियन पद के लिए चयनित किया गया था, लेकिन नियुक्ति प्रयोगशाला तकनीशियन (कनिष्ठ) के रूप में की गई, जिसे वे अपने साथ अन्याय बता रहे हैं। साथ ही, विज्ञापन के अनुसार वेतनमान और सुविधाएं भी अब तक लागू नहीं की गई हैं।
कर्मचारियों ने नारे लगाते हुए कहा, अन्याय बंद करो, कर्मचारियों को न्याय दो। वेतन, अधिकार और सुरक्षा हमारे मौलिक अधिकार हैं। उनका आरोप है कि कस्तूरबा हेल्थ सोसायटी का प्रशासन लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। इससे पहले भी कर्मचारियों ने आंदोलन और उपोषण किए, लेकिन किसी स्थायी समाधान पर सहमति नहीं बनी।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान के अधिष्ठाता डॉ. अजयकुमार शुक्ला और कस्तूरबा हेल्थ सोसायटी के सचिव डॉ. बी. एस. गर्ग उनकी भावनाओं और मानसिक स्थिति की उपेक्षा कर रहे हैं।
बेमियादी अनशन के कारण आने वाले दिनों में संस्थान की प्रयोगशाला सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. कर्मचारियों के इस बेमियादी अनशन को लेकर अब आंदोलन और अधिक तीव्र होने की आशंका जताई जा रही है. आम नागरिकों और कर्मचारियों की ओर से प्रशासन से अपील की जा रही है कि वह तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करें.
कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से तकनीशियन के रूप में कार्यरत हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो नियमित कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही उचित वेतनमान, जिससे उनमें गहरी नाराजगी है।






