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वर्धा में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, खरीफ बुआई ने भरी उड़ान; 41,800 हेक्टेयर में फसलें बोई गईं

Wardha Kharif Crop Sowing Update: 21 जून के बाद हुई बारिश से वर्धा में खरीफ बुआई ने रफ्तार पकड़ी है। जिले में 41,800 हेक्टेयर में बुआई पूरी हो चुकी है, जिसमें कपास की सबसे अधिक खेती हुई है।

  • Written By: अनन्या तिवारी
Updated On: Jun 29, 2026 | 12:45 PM

प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)

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Kharif Crop Sowing Reaches 41800 Hectares In Wardha: वर्धा में जून माह के पहले तीन सप्ताह तक मानसून की धीमी गति के कारण जिले में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित रही। हालांकि 21 जून से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद किसानों ने खेतों का रुख किया और बुआई कार्य में तेजी आई है। कृषि विभाग के अनुसार अब तक जिले में 41,800 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई पूरी हो चुकी है।

हालांकि किसानों को अभी भी अच्छी और लगातार बारिश का इंतजार है। कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में लगभग 4 लाख 18 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की खेती का अनुमान लगाया है। जिले में मुख्य रूप से कपास, सोयाबीन और अरहर (तूअर) की खेती की जाती है। विभाग ने नकली बीज और उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सभी आठ तहसीलों में उड़नदस्ता दल गठित किए हैं, जबकि जिला स्तर पर भी एक विशेष टीम बनाई गई है।

कपास की सबसे अधिक बुवाई

जिले में अब तक 31,357.87 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की बुआई हो चुकी है। इसमें सबसे अधिक समुद्रपुर तहसील में 10,858.80 हेक्टेयर, हिंगणघाट में 6,364.10 हेक्टेयर तथा आर्वी में 4,405.71 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की खेती की गई है। कुल खरीफ बुआई में कपास का सबसे बड़ा हिस्सा है।

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4,907 हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती

वर्धा जिले में अब तक 4 हजार 907 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुआई हुई है। इसमें समुद्रपुर में सर्वाधिक 2 हजार 003.70 हेक्टेयर, आर्वी में 1 हजार 093.60 हेक्टेयर तथा कारंजा में 810.30 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की खेती की गई है।

यह भी पढ़ें वर्धा में सामान्य से कम बारिश: किसानों कि बढ़ी चिंता, अगले 5 दिन लगातार बारिश का अनुमान

5,381 हेक्टेयर में अरहर की बुआई

कृषि विभाग के अनुसार जिले में अब तक 5 हजार 381.51 हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर (तूअर) की बुआई की गई है। इसमें आर्वी में 1 हजार 753.61 हेक्टेयर, समुद्रपुर में 907.60 हेक्टेयर तथा हिंगनघाट में 826.30 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। कृषि विभाग ने किसानों से मौसम की स्थिति को देखते हुए वैज्ञानिक सलाह के अनुसार बुआई कार्य करने तथा प्रमाणित बीज और उर्वरकों का ही उपयोग करने की अपील की है।

 

क्रमांक तहसील बुआई की स्थिति (हेक्टेयर में)
1 आर्वी 7,252.92
2 आष्टी 132.30
3 देवली 3,077.50
4 हिंगनघाट 7,528.90
5 कारंजा 2,883.20
6 समुद्रपुर 13,775.60
7 सेलू 4,928.00
8 वर्धा 2,245.26

 

Wardha kharif crop sowing update monsoon cotton soybean farming maharashtra

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Published On: Jun 29, 2026 | 12:45 PM

Topics:  

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