वर्धा में सामान्य से कम बारिश: किसानों कि बढ़ी चिंता, अगले 5 दिन लगातार बारिश का अनुमान

Wardha Rainfall Update: वर्धा में जून के अंत तक 76.4 मिमी कम बारिश से खरीफ बुआई प्रभावित है और किसान चिंतित हैं। आगामी 5 दिनों में विदर्भ में लगातार बारिश के पूर्वानुमान से राहत की उम्मीद है।
Wardha Kharif Sowing
वर्धा बारिश प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Wardha Kharif Sowing: इस वर्ष समय पर मानसून आने की संभावना जताई गई थी, लेकिन जून माह समाप्ति की ओर होने के बावजूद जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। पर्याप्त वर्षा के अभाव में खरीफ फसलों की बुआई का कार्य प्रभावित हुआ है और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद रविवार और सोमवार को जिले के कुछ हिस्सों में बारिश हुई, जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिली है।

पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 25.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, अब तक जिले में कुल 62.9 मिमी वर्षा ही हुई है, जो सामान्य से काफी कम है। किसानों सहित आम नागरिकों को अब भी पहली दमदार बारिश का इंतजार है।

जिले में खरीफ सीजन के दौरान 4 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई का नियोजन किया गया है। मौसम विभाग ने भी मानसून के समय पर आगमन का अनुमान व्यक्त किया था। मई माह में जिले में भीषण गर्मी पड़ी और तापमान ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। जून में अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन अब तक उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल सकी है।

पिछले तीन-चार दिनों में जिले के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई, जिसके भरोसे कई किसानों ने बुआई का कार्य शुरू कर दिया। लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण बुआई का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि 100 मिमी वर्षा होने तक बुआई न करें। जून माह लगभग समाप्त होने के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।

जानिए आगामी 4 दिनों के लिए विदर्भ का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिनों में वर्धा जिले में मौसम बदला रहेगा। जिले में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की भी संभावना है, इसलिए सतर्क रहें।

किसानों ने खेतों में शुरू किए स्प्रिंकलर

मृग नक्षत्र के दौरान अच्छी वर्षा की उम्मीद में अनेक किसानों ने कपास की बुआई कर दी थी। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, उन्होंने कपास के साथ-साथ सोयाबीन की बुआई भी शुरू कर दी है। हालांकि, पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण बोए गए बीजों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

ऐसे में सिंचाई सुविधा वाले किसानों ने फसलों को बचाने के लिए खेतों में स्प्रिंकलर (फुव्वारा) चलाना शुरू कर दिया है। वहीं, पूरी तरह वर्षा पर निर्भर किसानों के सामने संकट गहराता जा रहा है और वे अच्छी बारिश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मंगलवार देर शाम और मध्यरात्रि के दौरान जिले के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। इसके परिणामस्वरूप पिछले 24 घंटों में औसतन 25.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसमें आर्वी तहसील में 32.5 मिमी, कारंजा में 36.2 मिमी, आष्टी तहसील में सर्वाधिक 60.7 मिमी, वर्धा में 20.0 मिमी, सेलू में 16.1 मिमी, देवली में 32.4 मिमी, हिंगनघाट में 13.8 मिमी व समुद्रपुर तहसील में 17.3 मिमी बारिश हुई है।

तहसीलवार बारिश की स्थिति

तहसील अब तक हुई कुल बारिश
आष्टी 90.0 मिमी (सर्वाधिक)
देवली 77.3 मिमी
आर्वी 71.3 मिमी
समुद्रपुर 71.1 मिमी
कारंजा 64.8 मिमी
वर्धा 50.1 मिमी
हिंगनघाट 47.3 मिमी
सेलू 44.3 मिमी
कुल जिला औसत 62.9 मिमी

सामान्य औसत से 76.4 मिमी कम वर्षा

पिछले वर्ष भी वर्धा जिले में मानसून देर से सक्रिय हुआ था। इस वर्ष भी जून माह में अपेक्षित वर्षा नहीं हुई है। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, 24 जून तक जिले में औसतन 139.3 मिमी वर्षा दर्ज होनी चाहिए थी, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 62.9 मिमी वर्षा हुई है। इस प्रकार जिले में सामान्य औसत की तुलना में 76.4 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है।

वर्धा में हुई जोरदार बारिश

बुधवार की दोपहर वर्धा व आसपास के क्षेत्र में जोरदार बारिश हुई। देर शाम तक चली बारिश से शहर की सड़कें जलमग्न हो गई थीं। छोटी नालियां भरकर बहने लगीं। काफी देर तक झमाझम बारिश चलती रही। इससे भीषण गर्मी व उमस से नागरिकों को राहत मिली। आगामी दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद से किसान भी राहत महसूस कर रहे हैं।

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