

Fertilizer Price Increased For Farmers In Yavatmal: यवतमाल में खरीफ सीजन के दौरान बारिश होने के बाद कृषि गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। जिले में सोयाबीन और कपास जैसी प्रमुख फसलों के लिए केमिकल फर्टिलाइजर का बड़े पैमाने पर आवंटन किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार कुल 2 लाख 53 हजार मीट्रिक टन फर्टीलाइजर का आवंटन किया गया है। इनमें से अब तक 1 लाख 27 हजार 574 मीट्रिक टन की बिक्री हो चुकी है, जबकि करीब 74 हजार 442 मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है।
पिछले दिनों मानसून में देरी के कारण किसानों को बुवाई और कृषि सामग्री खरीदने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान कुछ कृषि केंद्रों पर कृत्रिम कमी पैदा कर किसानों से जबरन अतिरिक्त सामग्री खरीदवाने और लिंकिंग करने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इसके बाद कृषि विभाग ने कई केंद्रों पर कार्रवाई करते हुए निरीक्षण किया और कुछ के लाइसेंस भी निलंबित किए।
जिले में जून अंत तक 1 लाख 10 हजार 650 मीट्रिक टन उर्वरक की मांग दर्ज की गई थी, जबकि वास्तविक आपूर्ति 94 हजार 586 मीट्रिक टन रही। पिछले सीजन का बचा हुआ 1 लाख 7 हजार 430 मीट्रिक टन स्टॉक मिलाकर खरीफ सीजन के लिए कुल 2 लाख 2 हजार मीट्रिक टन फर्टिलाइजर उपलब्ध हुआ। इसमें से अब तक बड़ी मात्रा में बिक्री हो चुकी है।
MAIDC ने अपने बफर स्टॉक लक्ष्य का 99 प्रतिशत, वीसीएमएफ ने 95 प्रतिशत और MCDC ने 55 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। खरीफ सीजन के बीच केमिकल फर्टिलाइजर के दाम बढ़ने से किसानों का बजट प्रभावित हुआ है। 20:20:0:13 उर्वरक की कीमत में करीब 350 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसका दाम 1800 रुपये हो गया है। 12:32:16 और 10:26:26 उर्वरकों की कीमतों में 200 से 300 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। अमोनिया उर्वरक के दाम भी 200 से 300 रुपये बढ़े हैं। इससे किसानों में नाराजगी देखी जा रही है।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे ने किसानों और नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध या नकली कृषि सामग्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।