पंद्रह दिनों से जल रहा कचरा, डंपिंग यार्ड से निकल रहा धुआं, खतरे में नागरिकों का स्वास्थ्य

Wardha Garbage Burning News:वर्धा के इंजापुर डंपिंग यार्ड में 15 दिनों से कचरा जल रहा है। धुएं से प्रदूषण बढ़ा और नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा। कार्रवाई की मांग की।
पंद्रह दिनों से जल रहा कचरा
पंद्रह दिनों से जल रहा कचरा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Injapur Dump Yard Pollution: वर्धा नगर परिषद के इंजापुर स्थित डंपिंग यार्ड में पिछले लगभग पंद्रह दिनों से लगातार कचरा जलाया जा रहा है। इससे क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है और नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कचरा जलाने वालों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

शहर से लगे इंजापुर में नगरपालिका का लगभग 32 एकड़ में फैला घनकचरा प्रकल्प है, जहां शहर के विभिन्न इलाकों से जमा किया गया कचरा लाकर डंप किया जाता है। यहां गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग वर्गीकरण भी होता है। इसके बावजूद पिछले पखवाड़े से प्रतिदिन रात लगभग आठ से नौ बजे के बीच कचरा जला दिया जा रहा है और सुबह तक आग बुझा दी जाती है। इससे पूरे इलाके में भारी प्रदूषण फैल रहा है। धुएं के बड़े-बड़े गुबार हवा में दिखाई देते हैं।

वर्धा-हिंगनघाट रोड अत्यंत व्यस्त मार्ग

वर्धा-हिंगनघाट रोड अत्यंत व्यस्त मार्ग है। घने धुएं के कारण वाहन चालकों की दृश्यता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। कचरा जलने से शहर की वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। नागरिकों और कचरा उठाने वाले कर्मचारियों में भी इस विषय की जानकारी का अभाव दिखाई देता है। वर्धा के नागरिकों ने डंप में कचरा जलना तुरंत बंद करवाने की मांग की है।

खेती पर भी विपरीत असर

इस क्षेत्र में स्थित खेती में रबी के चना, गेहूं, तूर और सब्जियों की फसलें हैं। कचरा जलाने से उठने वाला विषाक्त धुआं इन फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इससे पहले भी डंपिंग यार्ड में कचरा जलाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। नागरिकों की शिकायतों के बाद कुछ समय के लिए यह प्रक्रिया रुकी थी, लेकिन अब फिर से कचरा जलाया जा रहा है। स्थानीय किसान, पर्यावरणप्रेमी और नागरिकों ने कचरा जलाने पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

कचरा जलाना गंभीर अपराध

डंपिंग यार्ड में कचरा जलाना एक गंभीर अपराध है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और लोगों के स्वास्थ्य को खतरा होता है। कचरा जलने पर विषैले गैसों और धुएं का उत्सर्जन होता है, जो दमा, एलर्जी और श्वसन संबंधी रोगों का कारण बन सकता है। कानून में इस पर रोक होने के बावजूद, सख्त कार्रवाई का अभाव नजर आता है।

जान-माल का खतरा

इंजापुर डंपिंग यार्ड में बार-बार कचरा जलाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे न सिर्फ प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि आग भड़कने से बड़े हादसे की भी आशंका रहती है। यदि आग की चिंगारी किसी अन्य स्थान पर गिर जाए, तो भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए नागरिकों ने नगरपालिका प्रशासन से यह पता लगाने और कार्रवाई करने की मांग की है कि कचरा आखिर कौन जला रहा है।

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