मनरेगा vs VB-GRAM-G: रोजगार की गारंटी छीनने का आरोप, वर्धा में कांग्रेस का हल्लाबोल
VB-GRAM-G Scheme Opposition: वर्धा में मनरेगा बंद करने के विरोध में कांग्रेस का लाक्षणिक अनशन। VB-GRAM-G योजना को बताया जनविरोधी। जिलाधिकारी कार्यालय के पास गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन।
- Written By: प्रिया जैस
वर्धा में कांग्रेस का आंदोलन (सौजन्य-नवभारत)
Wardha Congress Protest: वर्धा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बंद कर केंद्र सरकार द्वारा वीबी-ग्राम-जी योजना लागू करने के निर्णय का वर्धा जिले में विरोध किया गया। मनरेगा योजना, जो 2005 में युपीए सरकार के तहत शुरू हुई थी, ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिनों तक अकुशल रोजगार की गारंटी देती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की सुरक्षा बढ़ती है और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाता है।
हाल ही में, केंद्र सरकार ने मनरेगा को बंद करके वीबी-ग्राम-जी योजना को लागू करने का फैसला लिया, जिसके विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार की। कांग्रेस ने 11 जनवरी को जिलास्तर पर एक दिवसीय लाक्षणिक अनशन व धरणे आंदोलन किया। गांधी प्रतिमा, जिलाधिकारी कार्यालय के पास सिविल लाइन्स में सुबह 11 से 3 बजे तक आंदोलन चला।
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सरकार की जनविरोधी निधि : कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि वीबी-ग्राम-जी योजना ने मनरेगा की मूल अवधारणा को ही खत्म कर दिया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार का अधिकार देती थी। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के इस कदम को जनविरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
वीबी-ग्राम-जी योजना के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोज चांदुरकर ने की। इस दौरान डॉ. अभयुदय मेघे, नगराध्यक्ष सुधीर पांगुल, धर्मापाल ताकसांडे, सुनील कोल्हे, अरुणा धोटे, नरेंद्र मसराम, सतीश आत्राम, राजीव कंगाले और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे।
