सातपुर मनपा कार्यालय में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, नाम सुधारने के लिए मांगे 2,000 रुपये
Nashik Municipal Corporation News: नासिक के सातपुर मनपा कार्यालय में नाम सुधार के लिए 2,000 रुपये रिश्वत मांगने का मामला सामने आया, जहां भाजपा पदाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद पांच मिनट में काम पूरा हुआ।
- Written By: आंचल लोखंडे
Nashik corruption news (सोर्सः सोशल मीडिया)
Satpur Municipal Bribery Case: नासिक मनपा के सातपुर विभागीय कार्यालय के जन्म-मृत्यु विभाग में कर्मचारियों द्वारा एक महिला को परेशान करने और रिश्वत मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। अशोकनगर स्थित तिडके क्लासेस के संचालक की दिवंगत रिश्तेदार लीलावती वामनराव काठे का निधन 22 नवंबर 2025 को हुआ था।
अंत्येष्टि के समय श्मशान भूमि के कर्मचारियों ने दस्तावेजों में गलती से ‘काठे’ के बजाय ‘काले’ उपनाम दर्ज कर दिया था। इस त्रुटि को सुधारने के लिए मृतका की पुत्रवधू जयश्री काठे ने सातपुर विभागीय कार्यालय में नियमानुसार लिखित आवेदन दिया और आवश्यक शुल्क भी जमा किया।
भाजपा पदाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद 5 मिनट में हुआ काम
इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी उन्हें दो महीने तक चक्कर कटवाता रहा। अंततः वहां तैनात कर्मचारी और अधिकारी ने काम करने के बदले 2,000 रुपये की रिश्वत मांगी। पैसे देने से इनकार करने पर कर्मचारी ने उनके दस्तावेज उनके ऊपर फेंक दिए और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
सम्बंधित ख़बरें
नासिक में 7/12 उतारे में नाम चढ़ाने के लिए 5 हजार रिश्वत लेते पटवारी रंगेहाथ गिरफ्तार, गाड़ी से फेंके पैसे
नासिक के मनमाड, देवला और पेठ निकाय उपचुनाव के लिए 20 जून को मतदान, चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने की समीक्षा
नासिक में ‘पीएम-जन मन’ और ‘धरती आबा अभियान’ की शुरुआत, रामवाडी शिविर में पहुंचे सीधे जनता के द्वार अधिकारी
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नासिक में मेगा रिटेल क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम, ग्राहकों को बांटे लोन स्वीकृति पत्र
भाजपा उपाध्यक्ष के हस्तक्षेप से मिली राहत
पीड़ित महिला ने इस अपमानजनक व्यवहार की जानकारी भाजपा उपाध्यक्ष गणेश मौले को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौले तुरंत कार्यालय पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया। उनके कड़े रुख के बाद, जिस काम के लिए दो महीने से चक्कर लगवाए जा रहे थे, वह महज पांच मिनट में पूरा हो गया और सुधारित दस्तावेजों की पीडीएफ फाइल महिला को सौंप दी गई।
ये भी पढ़े: नासिक: नाबालिग से मानसिक उत्पीड़न का आरोप: वणी में हड़कंप, भाजपा ने ‘लव जिहाद’ एंगल से जांच की मांग की
भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद नगर निगम के जन्म-मृत्यु विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि एक ही स्थान पर वर्षों से जमे रहने के कारण कर्मचारियों पर विभागीय अधिकारियों का कोई अंकुश नहीं रह गया है। नागरिकों ने ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन आम जनता को प्रताड़ित करने वाले इन कर्मियों पर क्या कदम उठाता है।
