वर्धा: सचिवालय कक्ष बना वरदान, 107 शिकायतों का स्थानीय स्तर पर निपटारा; मंत्रालय के चक्करों से मिली मुक्ति
Wardha News: पहले शिकायतों के लिए नागरिकों को मुंबई मंत्रालय जाना पड़ता था, जिससे समय व पैसा खर्च होता था। अब जिलाधिकारी कार्यालय के सचिवालय कक्ष में ही आवेदन लेकर विभागों को भेजे जाते हैं।
- Written By: रूपम सिंह
Wardha religious site (सोर्सः सोशल मीडिया)
Wardha administration news: वर्धा आम नागरिकों की जिला स्तर पर लंबित रहने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में स्थापित सचिवालय कक्ष काफी प्रभावी साबित हो रहा है। इस कक्ष के माध्यम से अब तक कुल 107 शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। इसके कारन नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुंबई स्थित मंत्रालय तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 28 फरवरी 2026 के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय के सचिवालय कक्ष को कुल 113 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 107 शिकायतों को संबंधित विभागों के कार्यालयों को भेजा गया।
संबंधित विभागों ने इन शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करते हुए उनका समाधान कर दिया। वहीं शेष 6 शिकायतों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजा गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि सचिवालय कक्ष का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान करना है, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से मंत्रालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
वर्धा जिला प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक समस्या या शिकायत हो तो वे सीधे जिलाधिकारी कार्यालय के सचिवालय कक्ष में आवेदन प्रस्तुत करें। प्रशासन द्वारा शिकायतों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें समय पर हल करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि सचिवालय कक्ष की यह पहल नागरिकों के लिए सुविधाजनक होने के साथ-साथ शासन और जनता के बीच संवाद को भी मजबूत बना रही है।
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समय और पैसों की हो रही बचत
पहले नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए मुंबई जाकर मंत्रालय में आवेदन देना पड़ता था, जिससे उनका काफी समय और पैसा खर्च होता था। अब जिलाधिकारी कार्यालय में ही सचिवालय कक्ष की सुविधा उपलब्ध होने से नागरिकों की शिकायतें यहीं स्वीकार कर संबंधित विभागों को भेजी जाती हैं और उनकी नियमित रूप से समीक्षा भी की जाती है। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज हुई है और लोगों को राहत मिली है।
- कुल प्राप्त शिकायतें : 113
- निपटाई गई शिकायतें : 107
- मुंबई सचिवालय को भेजे गए मामले : 6
