

Wardha Jail Road garbage issue News: वर्धा स्थानीय जेल रोड़ मार्ग इन दिनों अत्याधिक कचरे से पटा है। सड़क किनारे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का कचरा दिखाई देता है। जिसकी वजह से मार्ग का पूर्णतः विदृपीकरण हो गया है। पुराने खाली पड़े पुलिस कार्टर परिसर मिनी डंपिंग यार्ड बन गया है। कचरे की समस्या का निराकरण करने, उपाययोजना करने की मांग की जा रही है। जेल रोड पर जिला कारागार के बाजू में पुराने खाली पड़े पुलिस कार्टर है।
जबकि दुसरे छोर से नवनिर्मित पुलिस कार्टर की सुरक्षा दिवार व सरकारी स्कूल तथा पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा दिवार है। मार्ग से बड़े पैमाने पर वाहनों की यातायात शुरू रहती है। 4 लेन इस मार्ग से एसटी व निजी बस बड़े पैमाने पर दौड़ती है। यह मार्ग पर मकान नहीं रहने से लोगों का सीधे तौर पर किसी से भी संपर्क नहीं आता, वाहनों के अवाला इस मार्ग पर रोकने-टोकनेवाला कोई नहीं रहता। इसी बात का फायदा कुछ लोग उठाते दिख रहे है।
अपने व्यवासयीक प्रतिष्ठान का कचरा सड़क किनारे लाकर फेंक रहे हैं। वर्धा नगर परिषद प्रशासन द्वारा सड़क किनारे फेके हुए कचरे की सफाई की जाती है। लेकिन दूसरे दिन समस्या जैसे थे दिख रही है। अन्नाभाऊ साठे चौक से नए पुलिस कार्टर की सुरक्षा दीवार तथा वसंत स्कूल व पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा दीवार तथा दूसरे छोर पर जेल की सुरक्षा दिवार, खाली पड़े पुराने कॉर्टर बड़े पैमाने पर कचरे से पटे हुए हैं। सड़क किनारे कचरा फेंकने वालों का बंदोबस्त करें, ऐसी मांग जोर पकड़ रही है। बता दें कि, जीएस कालेज मार्ग के किनारे एक प्रतिष्ठित व्यवायीक प्रतिष्ठान द्वारा कचरा फेंका जा रहा था। कचरे में संबंधित व्यवसाय का बैंडिंग देखकर नप प्रशासन ने दंडात्मक कार्रवाई की थी।
एक ओर अण्णाभाऊ साठे स्मारक चौक में नगर परिषद प्रशासन द्वारा सौंदर्याकरण किया गया है। जहां फाउंटेन का नजारा देखनेलायक रहता है। जिससे वर्धा पुलिस कार्टर में रहनेवाले वृद्ध नागरिक व महिलाएं बच्चों को लेकर मार्ग से घुमने आती है। लेकिन सडक किनारे कचरे के ढेर लगे रहने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड रहा है। प्रशासन की अनदेखी से दिन ब दिन कचरे की समस्या विक्राल स्वरूप ले रही है। सौंदर्याकरण का बंटाधार हो गया है।