प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ.नवभारत)
Anti Corruption Bureau Maharashtra News: वर्धा में आदेश पारित करने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और 7 हजार रुपये लेते समय एक राजस्व सहायक को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई बुधवार, 25 फरवरी को समुद्रपुर तहसील कार्यालय में की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विद्या ज्ञानेश्वर लोखंडे (55) निवासी आदर्श नगर, हिंगनघाट के रूप में हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता की समुद्रपुर तालुका के मौजा लोणार क्षेत्र में कृषि भूमि है। शिकायतकर्ता को जानकारी मिली कि उनके रिश्तेदारों ने उक्त भूमि को आपसी लेनदेन में नागपुर निवासी एक व्यक्ति को बेच दिया है। इसके बाद जमीन के नामांतरण (फेरफार) को रोकने के लिए शिकायतकर्ता ने तहसील कार्यालय में लिखित आपत्ति दर्ज कराई और अपने वकील के माध्यम से पक्ष प्रस्तुत किया।
आरोप है कि विवादित जमीन प्रकरण में संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने और शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश पारित करने के लिए राजस्व सहायक विद्या लोखंडे ने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के इच्छुक नहीं थे, इसलिए उन्होंने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जब आरोपी ने 7 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, तभी एसीबी अधिकारियों ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।
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इस मामले में समुद्रपुर पुलिस थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई एसीबी के पुलिस अधीक्षक दिगंबर प्रधान, अपर पुलिस अधीक्षक माधुरी बाविस्कर और पुलिस उपाधीक्षक राकेश साखरकर के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक कान्होपात्रा बन्सा, संदीप मुपडे सहित कर्मचारी मंगेश गंधे, पंकज डाहाके, सचिन गाढवे, राखी फुलमाळी, प्रशांत मानमोडे, मनीष मसराम, प्रितम इंगल, लक्ष्मण केंद्रे, विष्णू कालुसे, विनोद धोंगडे, अश्विनी भानखेडे, गणेश मेश्राम, गणेश पवार आदि ने की है। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
समुद्रपुर में महज 10 दिनों के भीतर एसीबी ने दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। 16 फरवरी को एसीबी ने समुद्रपुर तहसील कार्यालय में राजस्व सहायक प्रशांत केशव नंदेश्वर को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था।
इस घटना की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि बुधवार को एसीबी ने फिर से उसी तहसील कार्यालय में धड़क कार्रवाई करते हुए राजस्व सहायक विद्या लोखंडे को 7 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय गिरफ्तार कर लिया। लगातार दो कार्रवाइयों से राजस्व विभाग में खलबली मच गई है।