वर्धा: महाराष्ट्र सरकार का नया आदेश, मुफ्त यूनिफॉर्म की गुणवत्ता पर सख्ती, 100% पॉलिस्टर कपड़े पर रोक
Maharashtra School Uniform Scheme: महाराष्ट्र सरकार ने मुफ्त गणवेश योजना में बदलाव करते हुए गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म समय पर देने के निर्देश जारी किए हैं। अब स्कूल खुलते ही विद्यार्थियों को गणवेश मिलेगा
- Written By: रूपम सिंह
विद्यार्थि यूनिफॉर्म (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Wardha Free Uniform Policy: महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2026-27 से सरकारी तथा स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की स्कूलों में लागू होने वाली मुफ्त गणवेश योजना में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। शालेय शिक्षण एवं क्रीडा विभाग द्वारा जारी शासन आदेश के अनुसार अब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण गणवेश समय पर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक अध्ययनरत सभी छात्राओं, अनुसूचित जाति-जमाति वर्ग के विद्यार्थियों तथा पात्र विद्यार्थियों को मुफ्त गणवेश का लाभ दिया जाएगा। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूल खुलने के पहले ही दिन विद्यार्थियों को गणवेश वितरित किया जाए, ताकि किसी भी छात्र को देरी का सामना न करना पड़े। शासन आदेश में गणवेश के कपड़े की गुणवत्ता को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
अब स्कूल प्रबंधन समितियों को ऐसा कपड़ा खरीदना होगा जो विद्यार्थियों की त्वचा को नुकसान न पहुंचाए और जिसमें 100 प्रतिशत पॉलिस्टर का उपयोग न हो। कपड़े में पॉलिस्टर, विस्कोस और कॉटन का निर्धारित मिश्रण अनिवार्य किया गया है। साथ ही गणवेश पर समग्र शिक्षा अभियान का लोगो भी लगाया जाएगा।
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स्थानीय महिला समूहों को गणवेश सिलाई में प्राथमिकता
महत्वपूर्ण बात यह है कि गणवेश सिलाई का कार्य स्थानीय महिला बचत समूहों को प्राथमिकता से दिया जाएगा। जिन क्षेत्रों में महिला बचत समूह उपलब्ध नहीं होंगे, वहां समीपस्थ समूहों से सिलाई कार्य कराया जाएगा। इसके माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि केवल फोटो खिंचवाने के लिए कुछ वर्धा विद्यार्थियों को प्रतीकात्मक गणवेश वितरण कर बाकी विद्यार्थियों को देर से गणवेश देने जैसी शिकायतें दोबारा सामने नहीं आनी चाहिए।
सभी पात्र विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण गणवेश मिलने के बाद ही संबंधित भुगतान जारी किया जाएगा। गणवेश की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र प्रमुख, गट शिक्षणाधिकारी तथा शिक्षणाधिकारी स्तर पर नियमित जांच अनिवार्य की गई है। खराब गुणवत्ता पाए जाने पर कपड़ा आपूर्तिकर्ता और संबंधित स्कूल प्रबंधन समिति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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गणवेश के नमूने की प्रयोगशाला में जांच
राज्यस्तरीय जांच दल भी विभिन्न वर्धा जिलों में जाकर गणवेश के नमूने प्रयोगश्वला में जांच हेतु भेजेंगे, शासन आदेश में स्काउट-गाइड गतिविधियों के अनुरूप एक गणवेश रखने का भी निर्देश दिया गया है। साथ ही स्कूल प्रबंधन समितियों को सीएसआर निधि अथवा अन्य सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को और बेहतर गुणवत्ता का गणवेश उपलब्ध कराने के प्रयास करने को कहा गया है।
