

Samudrapur Tehsil Corruption: वर्धा जिले में जन्म प्रमाणपत्र से संबंधित आदेश जारी करने के बदले 2 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करने वाले समुद्रपुर तहसील कार्यालय के राजस्व सहायक को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई सोमवार, 16 फरवरी को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), वर्धा की टीम ने की, जिससे तहसील कार्यालय में खलबली मच गई। आरोपी का नाम प्रशांत केशव नंदेश्वर (45) बताया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रशांत नंदेश्वर समुद्रपुर तहसील कार्यालय में राजस्व सहायक के पद पर कार्यरत है। उसके खिलाफ 41 वर्षीय व्यक्ति ने वर्धा एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने समुद्रपुर तहसीलदार के नाम जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। इस प्रक्रिया के तहत नगर पंचायत समुद्रपुर को तहसील कार्यालय से एक आदेश जारी किया जाना था।
आरोप है कि उक्त आदेश जारी करने के बदले प्रशांत नंदेश्वर ने शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद 16 फरवरी को एसीबी ने जांच-पड़ताल की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले 2 हजार रुपये देने और काम पूरा होने के बाद शेष 3 हजार रुपये देने की बात कही थी।
आपसी सहमति के बाद 2 हजार रुपये देने पर बात तय हुई। उसी दिन राजस्व सहायक नंदेश्वर ने रिश्वत के 2 हजार रुपये स्वीकार किए। इस प्रकरण में समुद्रपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह कार्रवाई एसीबी की ओर से पुलिस उपाधीक्षक राकेश साखरकर, पुलिस निरीक्षक संदीप मुपडे, पुलिस निरीक्षक कान्होपात्रा बंसा, एएसआई मंगेश गंधे, पुलिस हवलदार पंकज डाहाके, सचिन गाढवे तथा कर्मचारी राखी फुलमाली, प्रितम इंगळे, प्रशांत मानमोडे, मनीष मसराम, विष्णु काळुसे, विनोद धोंगडे और अश्विनी भानखेडे ने संयुक्त रूप से अंजाम दी।
पहले से जाल बिछाकर तैनात एसीबी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से रिश्वत की राशि 2 हजार रुपये बरामद किए गए। एसीबी ने उक्त राशि और आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया। कार्रवाई के बाद समुद्रपुर तहसील कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।