

रेलवे और पुलिस ने पांच डॉक्टरों के साथ समन्वय किया।
यूएन मेहता अस्पताल में हृदय प्रत्यारोपण किया गया।
टिकट और प्राथमिकता संबंधी व्यवस्थाएं की गईं।
Heart Transport Surat To Ahmedabad: मानवता, तत्परता और आपसी समन्वय की एक मिसाल पेश करते हुए सूरत से अहमदाबाद तक एक डोनर हार्ट (दाता का हृदय) वंदे भारत ट्रेन के माध्यम से त्वरित जरूरमंद मरीज तक पहुंचाया गया। बिना किसी रुकावट अत्याधुनिक वंदे भारत ट्रेन से पहुंचे दिल का अहमदाबाद स्थित यू एन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में हृदय प्रत्यारोपण किया गया।
बताया गया कि इस बेहद संवेदनशील और समयबद्ध प्रक्रिया में रेलवे प्रशासन और रेलवे पुलिस ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। हृदय को सूरत के सिविल अस्पताल से निर्धारित समय में अहमदाबाद पहुंचाने के लिए पश्चिम रेलवे के अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों ने 5 डॉक्टरों के साथ समयबद्ध तरीके से समन्वय किया।
इसके साथ ही वंदे भारत ट्रेन में टिकट बुकिंग, प्राथमिकता संबंधी व्यवस्थाओं और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया। उल्लेखनीय है कि हृदय प्रत्यारोपण के मामलों में समय की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
ऐसे में रेलवे प्रशासन और रेलवे पुलिस की तत्परता एवं सहयोग से सूरत से अहमदाबाद तक डोनर हार्ट के परिवहन की प्रक्रिया सुगम हो सकी। इस समन्वित प्रयास ने एक मरीज का जीवन बचाने के इस महत्वपूर्ण मिशन में अहम भूमिका निभाई।
यू एन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर की ओर से रेलवे प्रशासन और रेलवे पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। संस्थान ने अपने संदेश में कहा कि 1 नवंबर को वंदे भारत से 'हृदय परिवहन' के दौरान रेलवे प्रशासन और पुलिस द्वारा दिया गया सहयोग, त्वरित समन्वय तथा प्राथमिकता के आधार पर की गई व्यवस्थाएं सराहनीय हैं।
संस्थान ने इस ग्रीन कॉरिडोर जैसे परिवहन के लिए रेलवे प्रशासन एवं रेलवे पुलिस की इस मानवीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका सहयोग सार्वजनिक सेवा, समर्पण और मानवता की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
पहली बार वंदे भारत के जरिए सूरत से अहमदाबाद तक पहुंचा यह डोनर हार्ट केवल एक शहर से दूसरे शहर तक का सफर नहीं था, बल्कि किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन देने की उम्मीद से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ है।