

मामला गारखेडा की 533 वर्ग मीटर जमीन से जुड़ा है।
जमीन जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में होने की बात सामने आई।
भाजपा पार्षद राजू वैद्य ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
Municipal Land Acquisition 2 Crore Payment Probe: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की ओर से जमीन अधिग्रहण के नाम पर 2 करोड़ 71 लाख 83 हजार रुपये जमा कराने के मामले में अब सवाल उठने लगे हैं। भाजपा पार्षद रेणुकादास (राजू) वैद्य ने मनपा आयुक्त को पत्र देकर इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अथवा अपराध जांच विभाग (CID) को सौंपने का भी आग्रह किया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि गारखेडा क्षेत्र के नगर भूमि क्रमांक 15309 की 533 वर्ग मीटर जमीन के अधिग्रहण के लिए छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने कडा कार्यालय में 2 करोड़ 71 लाख 83 हजार रुपये जमा कराए थे। यह भुगतान जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत किया गया था।
हालांकि, बाद में सामने आया कि संबंधित जमीन कडा कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, बल्कि जिलाधिकारी कार्यालय के अधीन है। इस जानकारी के सामने आने के बाद इतनी बड़ी राशि गलत कार्यालय में जमा कराने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
भाजपा पार्षद रेणुकादास (राजू) वैद्य ने सवाल उठाया कि संबंधित जमीन और उसके अधिकार क्षेत्र की पूरी जानकारी जुटाए बिना महानगरपालिका ने इतनी बड़ी राशि कैसे जमा करा दी। उन्होंने बताया कि इस मामले की संचिका में मनपा आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की स्वीकृति का उल्लेख है।
इसके बावजूद भुगतान से पहले संबंधित प्राधिकरण की पुष्टि क्यों नहीं की गई, यह स्पष्ट नहीं है। वैद्य ने आरोप लगाया कि किसी अधिकारी ने यह जानने की जरूरत नहीं समझी कि 2 करोड़ 71 लाख 83 हजार रुपये किस कार्यालय को और किस उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। उन्होंने मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की।
पार्षद वैद्य ने पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारों के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए संबंधित विकासक और अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही छह दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देने को कहा है।