देश की पहली वंदे भारत मालगाड़ी चलाने की तैयारी, मुंबई से दिल्ली चंद घंटो में पहुंचेंगे पार्सल

Vande Bharat Freight: पश्चिम रेलवे ने मुंबई-दिल्ली और सूरत-दिल्ली के बीच 140-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फ्रेट EMU चलाने का प्रस्ताव दिया है। मंजूरी के बाद सुपरफास्ट पार्सल सेवा शुरू होगी।
Vande Bharat Freight EMU
वंदे भारत ट्रेन(फोटो नवभारत)
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Vande Bharat Freight EMU: भारतीय रेलवे की सुपरफास्ट प्रीमियम ट्रेनों में शामिल वंदे भारत अब यात्रियों के साथ-साथ पार्सल और माल ढुलाई को भी तेज रफ्तार देने की तैयारी में है।

पश्चिम रेलवे ने वंदे भारत की तरह ही नई 'फ्रेट EMU' के जरिए मुंबई-दिल्ली और सूरत से दिल्ली के बीच सुपरफास्ट पार्सल सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। दोनों प्रस्तावों को अभी DFCCIL और रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार है। पश्चिम रेलवे ने मामले में पत्रव्यवहार भी किया है।

160 किमी प्रति घंटे तक होगी रफ्तार

'फ्रेट EMU' को खास तौर पर उच्च मूल्य वाले समय-संवेदनशील कार्गो की तेज ढुलाई के लिए तैयार किया गया है। इसकी परिचालन गति क्षमता 140 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी।

इसमें पैलेट पर रखे कंटेनरों की ढुलाई के लिए विशेष व्यवस्था, 1,800 मिमी चौड़े ऑटोमेटिक स्लाइडिंग दरवाजे और तापमान-संवेदनशील सामान के लिए रेफर कंटेनर लोड करने की सुविधा है। रेलवे बोर्ड ने मई 2025 में सभी जोनल रेलवे को ऐसे रेक के लिए नए संभावित रूट तलाशने के निर्देश दिए थे। वैसे भारतीय रेलवे पर इसका सफल ट्रायल भी हो चुका है।

जोगेश्वरी-दिल्ली के बीच साप्ताहिक सेवा

बताया गया कि पहला प्रस्ताव मुंबई के जोगेश्वरी (JOS) से आदर्श नगर दिल्ली (ANDI) के बीच साप्ताहिक सुपरफास्ट पार्सल सेवा का है। प्रस्तावित रूट साणंद-रेवाड़ी होते हुए DFCCIL के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ेगा।

यह प्रस्ताव मेसर्स हर्ष ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दिया गया है, जो करीब 22 वर्षों से रेलवे के पार्सल कारोबार से जुड़ी है। हालांकि जोगेश्वरी फिलहाल पार्सल और माल यातायात के लिए बंद है। ऐसे में सेवा को बांद्रा टर्मिनस (BDTS) से शुरू करने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।

सूरत-दिल्ली के लिए सप्ताह में तीन दिन

दूसरा प्रस्ताव सूरत-दिल्ली के बीच सप्ताह में तीन दिन वंदे भारत फ्रेट EMU चलाने का है। यह सेवा भी JPP-RCS मॉडल पर आधारित होगी। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने प्रस्तावित समय-सारणी, रैक की जरूरत और संबंधित जोनल रेलवे की सहमति मांगी है।

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मेंटेनेंस की चुनौती

प्रस्तावों के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती रेक के रखरखाव की है। मुंबई सेंट्रल में स्टेशन पुनर्विकास के कारण पिट लाइन उपलब्ध नहीं है, जबकि बांद्रा टर्मिनस पर वायर्ड पिट लाइन की सुविधा नहीं है।

किले और वर्ली EMU कारशेड में 12 से 15 कोच तक के रैक की मेंटेनेंस क्षमता है, जबकि प्रस्तावित फ्रेट EMU रेक 16 कोच का है। पश्चिम रेलवे ने DFCCIL से दोनों प्रस्तावों की जांच कर व्यवहार्य समय-सारणी देने को कहा है। स्टॉक की मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन को अधिसूचित किया जा सकेगा।

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