Uttan Slaughterhouse Controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Municipal Decision: उत्तन क्षेत्र में प्रस्तावित काजलखाने को लेकर चल रहे विवाद पर अब विराम लग गया है। स्थानीय नागरिकों के कट्टर विरोध के बाद मीरा भयंदर नगर निगम ने इस राष्ट्रीयता को रद्द कर अपनी जगह “मनपा उपयोग” के लिए बड़े कदम उठाए हैं।
असल, पहले से ब्लॉकचेन विकास योजना में भयंदर पश्चिम के उत्तान क्षेत्र के सर्वे नंबर 242 (भाग), 282 (भाग) और 283 ए (भाग) के करीब 3673 वर्ग मीटर जमीन को “कत्लखाने” के लिए तैयार किया गया था। इतना ही नहीं, इस नेशनल ड्राफ्ट विकास योजना में 4700 वर्ग मीटर का प्रस्ताव भी रखा गया था।
हालांकि जैसे ही यह प्रस्ताव सार्वजनिक हुआ, स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। नागरिकों का कहना था कि इलाके में पहले से ही कॉकटेलिंग ग्राउंड की समस्या है, ऐसे में कॉकलिंग खाना शुरू करने की कोई जरूरत नहीं है। इससे पर्यावरण और सामाजिक वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों की अपील को देखते हुए मनपा की महासभा ने इस मुद्दे पर आपत्ति जताई और “कत्लखाने” का संप्रदाय पूरी तरह से हटाने का फैसला लिया। इस विषय को लेकर स्थानीय नेता नरेंद्र मेहता ने भी मनपा चुनाव के दौरान उत्तान से कालाखाने का शून्य रद्द करने का संकल्प लिया था।
अब इस भूमि पर “मनपा उपयोग” के लिए ऑरकॉल करने का प्रस्ताव धारा 37(1) के तहत रखा गया है। मनपा प्रशासन ने यह प्रस्ताव नागरिकों की राय पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे राजपत्र में 30 दिनों के भीतर अधिसूचना प्रकाशित कर अपनी सलाह या सलाह को लिखित रूप में जमा कर सकते हैं।
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प्रस्तावित परिवर्तनों का मानचित्र नगर रचना विभाग, स्वामी विवेकानंद भवन, कनकिया, मीरा रोड (पूर्व) स्थित कार्यालय में निरीक्षण के लिए लेआउट उपलब्ध कराया गया है। मनपा प्रशासन का कहना है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी सुझाव और सलाह पर विचार किया जाएगा। अब देखिए यह होगा कि इस प्रस्ताव पर जनता की क्या प्रतिक्रिया है और अंतिम विकास योजना में क्या स्वरूप सामने आया है।