Devendra Fadnavis Assembly Speech (फोटो क्रेडिट-X)
Devendra Fadnavis On Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र विधानसभा में ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात मामले पर चल रही गरमागरम बहस के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने चिरपरिचित अंदाज में विपक्ष को करारा जवाब दिया। फडणवीस ने अंधविश्वास (Superstition) पर कड़ा प्रहार करते हुए तर्क दिया कि अगर तांत्रिक शक्तियों और काले जादू से ही दुनिया चलती, तो आधुनिक हथियारों और मिसाइलों की जरूरत ही नहीं पड़ती।
मुख्यमंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने श्रद्धा और अंधश्रद्धा के बीच की ‘धुंधली रेखा’ को स्पष्ट किया है।
सदन में विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए अघोरी पूजा और तांत्रिक अनुष्ठानों के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “श्रद्धा और अंधश्रद्धा के बीच एक बहुत ही बारीक रेखा (Fine Line) होती है, और जब यह रेखा खत्म हो जाती है, तो सब कुछ गड़बड़ हो जाता है।” उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा, “अगर हम अंधश्रद्धा को ही सत्य मान लें, तो फिर ईरान को युद्ध लड़ने के लिए ड्रोन और मिसाइलों की क्या जरूरत है? हमें भी पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद से लड़ने के लिए गोला-बारूद और बंदूकों की आवश्यकता नहीं होगी; हम सिर्फ नींबू-मिर्ची और काले जादू से ही सब निपटा देंगे।”
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कानून के शासन में विश्वास रखती है, न कि तांत्रिक अनुष्ठानों में। उन्होंने कहा कि अशोक खरात जैसे लोग समाज की इसी कमजोरी (अंधश्रद्धा) का फायदा उठाते हैं। गृह विभाग का भी प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि खरात के खिलाफ एसआईटी (SIT) की जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है और इसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसके संबंध किसी भी रसूखदार व्यक्ति से क्यों न हों।
जितेंद्र आव्हाड द्वारा लगाए गए उस आरोप पर कि “38 विधायकों ने मुख्यमंत्री को हटाने के लिए उंगलियां काटी थीं”, फडणवीस ने इसे हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें जनता के समर्थन और संवैधानिक प्रक्रिया से चलती हैं, न कि किसी बाबा के केबिन में किए गए अनुष्ठानों से। उन्होंने विपक्षी नेताओं को नसीहत दी कि वे राज्य की गंभीर समस्याओं पर ध्यान दें, न कि ऐसी काल्पनिक और अंधविश्वासी कहानियों को बढ़ावा दें।