Nashik tribal students protest (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik News: कॉलेज शिक्षा ग्रहण कर रहे अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों को निजी छात्रावासों में रहने के लिए आदिवासी विकास विभाग द्वारा अनुदान दिया जाता है। पिछले कई महीनों से यह अनुदान नहीं मिलने के कारण सैकड़ों छात्रों ने बुधवार सुबह 11 बजे आदिवासी आयुक्तालय के सामने मुख्य सड़क पर अचानक धरना शुरू कर दिया।
इस विरोध प्रदर्शन के चलते पुलिस को इस मार्ग का यातायात बंद कर दूसरे मार्गों की ओर मोड़ना पड़ा। पंडित दीन दयाल उपाध्याय योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे आदिवासी छात्रों को सरकारी छात्रावासों में निःशुल्क प्रवेश दिया जाता है। जिन छात्रों को सरकारी छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता, उन्हें राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत प्रति माह 4000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से उन्हें इस योजना की राशि नहीं मिली है, जिससे उनके सामने रहने और भोजन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इसी मांग को लेकर राज्यभर से आए छात्रों ने आयुक्तालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया।
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गौरतलब है कि इसी मांग को लेकर छात्रों ने 4 मार्च को भी आयुक्तालय में आंदोलन किया था। उस समय प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के कक्ष का घेराव किया था, जिसके बाद प्रशासन ने समस्या के समाधान के लिए 8 दिनों का समय मांगा था।
हालांकि तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी आश्वासन पूरा न होने से नाराज छात्र एक बार फिर सड़क पर उतर आए। छात्रों के सड़क पर बैठने के बाद आयुक्तालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की, लेकिन बातचीत के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके चलते छात्रों ने अपना धरना जारी रखा। इस दौरान कड़ी धूप में सड़क पर बैठने के कारण एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।