अकोला, बुलढाना और वाशिम में बिजली कटौती का संकट, जल योजनाओं पर खतरा, महावितरण ने वसूली अभियान किया तेज

Mahavitaran Akola Dues March: अकोला परिमंडल में जल संकट का खतरा! 2,686 नल योजनाओं पर 160 करोड़ का बिजली बिल बकाया। महावितरण का अल्टीमेटम- बिल भरो या अंधेरे (और प्यास) में रहो।
Mahavitaran threatens to cut power for 2,686 water supply schemes in Akola, Buldhana, and Washim over ₹160 crore unpaid bills. Massive water crisis looms.
बिजली की कटौती (फाइल फोटो)
Updated on

Buldhana Water Supply Power Cut: महावितरण के अकोला परिमंडल के अंतर्गत अकोला, बुलढाना और वाशिम जिलों की सार्वजनिक जलापूर्ति योजनाओं पर भारी बिजली बिल बकाया है। कुल मिलाकर 159 करोड़ 85 लाख रुपये का बिल दर्ज है। महावितरण ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित विभागों ने तुरंत भुगतान नहीं किया तो इन योजनाओं की बिजली आपूर्ति कभी भी बंद की जा सकती है।

महावितरण का अस्तित्व ही शत-प्रतिशत बिल वसूली पर आधारित है। मार्च माह का आर्थिक महत्व देखते हुए मुख्य अभियंता राजेश नाइक ने संबंधित विभागों से अपील की है कि वे तुरंत अपना बकाया चुकाकर सहयोग करें, ताकि बिजली कटौती के कारण कृत्रिम जलसंकट उत्पन्न न हो।

बार-बार की गई अपील, अब कठोर रुख

महावितरण ने वसूली के लिए संबंधित विभागों से कई बार संपर्क किया। प्रत्यक्ष मुलाकात, पत्राचार, स्मरणपत्र और मोबाइल संदेशों के माध्यम से बार-बार भुगतान की अपील की गई। लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलने पर अब बिजली आपूर्ति खंडित करने की कार्रवाई अपरिहार्य बताई गई है। क्षेत्रीय कार्यालयों को इसके लिए निर्देश भी जारी किए गए हैं।

परिमंडल में कुल 2,686 नल योजनाएं बकायादार हैं। इनमें अकोला जिले की 699 योजनाओं पर 33 करोड़ 25 लाख रुपये, बुलढाना जिले की 1,490 योजनाओं पर 107 करोड़ 91 लाख रुपये और वाशिम जिले की 497 योजनाओं पर 18 करोड़ 69 लाख रुपये का बकाया है।

वसूली अभियान को मिली गति

आर्थिक वर्ष समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष हैं, इसलिए महावितरण ने वसूली अभियान को और तेज कर दिया है। सभी स्तरों के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से इस अभियान में शामिल हैं। बकायादार ग्राहकों से सीधे मुलाकात कर वसूली की कार्रवाई की जा रही है।

महावितरण का कहना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो बिजली कटौती से जल योजनाएं ठप हो जाएंगी और नागरिकों को गंभीर जलसंकट का सामना करना पड़ेगा। इस पृष्ठभूमि में प्रशासन और विभागों पर दबाव बढ़ गया है कि वे तुरंत बकाया चुकाएं और नागरिकों को संकट से बचाएं।

Navbharat Live
navbharatlive.com