Ulhasnagar MNC में कांटे की टक्कर: भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, शिवसेना गठबंधन एक कदम आगे
Thane News: उल्हासनगर मनपा चुनाव नतीजों ने सियासी तस्वीर बदल दी है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन शिवसेना गठबंधन मामूली बढ़त के साथ महापौर पद की दौड़ में आगे निकलता दिख रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
उल्हासनगर महानगरपालिका (pic credit;p social media)
Ulhasnagar News In Hindi: मनपा चुनाव के नतीजे सिर्फ जीत-हार का आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि इनमें शहर में बदलते राजनीतिक हालात की साफ झलक भी दिखाई दे रही है।
शिंदे की शिवसेना ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए 5 पार्टियों के साथ गठबंधन किया था और शिवसेना ने स्थानीय स्तर पर अपनी पूरी ताकत भी लगा दी थी।
हालांकि आखिरी नतीजे बताते हैं कि भाजपा को रोकने में शिवसेना समेत सभी घटक दलों को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि शिवसेना को सिर्फ एक सीट से पीछे रहकर 36 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
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वैसे साईं पार्टी भी शिवसेना के साथ गठबंधन में है, इसलिए दोनों की स्थिति सम समान हो गई है, निर्दलीय सविता तोरने रगड़े भी शिवसेना खेमे में चली गई है। इससे भाजपा से शिवसेना एक अंक से आगे है। वहीं सभी की निगाह बहुजन वंचित आघाड़ी के दो तथा कांग्रेस के एक नगरसेवकों पर है।
महापौर, उपमहापौर तथा विविध समितियों को हासिल करने में वंचित के दो नगरसेवक तथा कांग्रेस की एक नगरसेविका अंजली सालवे अहम भूमिका रखती है। मनपा में कुल 78 पार्षद हैं।
वैसे स्थानीय राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों का कहना है कि मुंबई की तरह उल्हासनगर में भाजपा तथा शिवसेना गठबंधन के बीच छोटा और बड़ा भाई के रूप में यदि महायुति हो तो कोई अचरज नहीं होगा। मनपा चुनाव परिणाम के बाद अब महापौर तथा उपमहापौर पद पर कब्जा जमाने को लेकर भाजपा तथा शिवसेना गठबंधन ने अलग अलग प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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कागजों पर मजबूत, जमीनी हकीकत अलग
- भाजपा को रोकने के अर्थात एक स्ट्रैटेजी के तहत शिवसेना ने लोकल पॉलिटिक्स में लगभग सभी संभावनाओं को तलाशा था। स्थानीय पार्टी टीम ओमी कालानी, साई पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया और प्रा। जोगेंद्र कवाडे के नेतृत्व वाली पीआरपी को साथ लेकर भाजपा को कड़ी टक्कर देने की कोशिश की गई थी।
- हालांकि नतीजों से पता चला कि यह गठबंधन कागजों पर जितना मजबूत दिख रहा था, असल वोटिंग में उतना असरदार नहीं था। इस बार वोटिंग का प्रतिशत बढ़ने से इसका सीधा लाभभाजपा को मिला है।
- शिंदे शिवसेना के लिए शुभ समाचार है कि शहर के सिंधी समुदाय के वोटरों में शिवसेना ने सेंध लगाई है। इसी निशानी पर महेश सुखरमानी, जया प्रकाश माखीजा, प्रेरणा अजीत माखीजानी, जमनू पुरुस्वानी, सीमा पप्पू कालानी, आकाश चक्रवर्ती पर जीते भी।
उल्हासनगर से नवभारत लाइव के लिए कमर काजी की रिपोर्ट
