Thane LPG Shortage (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Thane Commercial Gas Crisis News: सरकार एवं तेल कंपनियों के दावों के विपरीत ठाणे शहर सहित पूरे जिले में एलपीजी सिलेंडरों के लिए हाय तौबा मचा है। कामर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत से होटल एवं रेस्टोरेंट उद्योग संकट में है, ठाणे शहर के अलावा कलवा मुंब्रा, दिवा डोंबिवली, कल्याण, उल्हासनगर सहित अन्य शहरों के 20 प्रतिशत होटल बंद हो चुके हैं।
गरीबों को सस्ता भोजन एवं नाश्ता स्ट्रीट फूड स्टॉलों पर मिलता है लेकिन अधिकांश स्ट्रीट फूड स्टाल बन हो गए हैं। या उस पर भेल व नींबू पानी बिकने लगा है। शहर के कई बड़े होटलों ने अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं जबकि कुछ को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। गैस की आपूर्ति में अचानक आई कमी ने न केवल होटल उद्योग को प्रभावित किया है बल्कि आम लोगों के लिए बाहर भोजन करना भी मुश्किल बना दिया है। कमर्शियल ही नहीं घरेलू उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडरों के लिए भी मारामारी है। सिलेंडरों के लिए जिले के अलग-अलग हिस्सों में लाइन लग रही है।
ठाणे एवं आस पास के इलाके में लोग पानी पूरी, सेव पूरी एवं दही पूरी बड़े चाव से खाते हैं, लेकिन अब पानी पूरी के स्टॉल भी बंद होने के कगार पर है। गैस सिलेंडर की किल्लत से पूरी बनाने वाले कारखाने बंद पड़ गए है। इसलिए स्टालों पर पूरी की सप्लाई लगभग बंद हो गयी है। ठाणे स्थित दादोजी कोंडदेव के सामने पानी पुरी का स्टॉल लगाने वाले सेवालाल गुप्ता ने बताया कि हर दिन 20-25 पानी पुरी की पैकेट की खपत है, लेकिन तीन दिन से रेडीमेड पुरी का पैकेट अब नहीं मिल रहा है। जितना स्टॉक में है वहीं बेच रहे हैं। सप्लाई नहीं होने पर ग्राहको पानी पूरी नहीं मिल पाएगी। दही पूरी व सेव पूरी के लिए भी पूरी की जरूरत होगी।
भिवंडी शहर में भी लोगों को आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं है। ग्राहकों को घरेलू गैस बुकिंग के बाद करीब एक सप्ताह में गैस सिलेंडर नसीब होने की बात सामने आ रही है। गैस उपलब्धता को लेकर सरकार के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं,भिवंडी तालुका अंतर्गत पडघा में घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई में देरी के कारण लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इलाके की महिलाएं और लोग गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटी धूप में खड़ा रहना पड़ रहा है। पडघा में अक्षरा भारत गैस गोदाम में गैस सिलेंडर लेने के लिए हर दिन भारी भीड़ जमा हो रही है। स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि, लोगों को सिलेंडर लेने के लिए 2 से 3 घंटे तक चिलचिलाती धूप में खड़ा रहना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें गैस सिलेंडर लेने के लिए घटी लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। आरोप है कि स्थानीय प्रतिनिधि भी समस्या को नजरअंदाज कर अपनी गैस लेने में ही लगे हैं। उक्त संदर्भ में पड़धा स्थित अक्षरा भारत गैस कंपनी संचालक ने बताया कि युद्ध की आशंका को देखते हुए ग्राहक घबड़ा गए है। क्षेत्र में पहले से फिलहाल बुकिंग की संख्या बढ़ी है। हालांकि कंपनी समय-समय पर गैस सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध करा रही है। लोगों ने कहा गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहे है। इसलिए खाना कैसे पकाएं, यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है
यह भी पढ़ें :- गोंदिया में मौसम का यू-टर्न: 17 से 20 मार्च तक बारिश का ‘येलो अलर्ट’, 50 KM की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
ग्राहकों का आरोप है कि घरेलू गैस के लिए रजिस्टर करने के बाद भी उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। गैस नहीं मिलने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है और गरीब परिवारों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से कुछ परिवारों ने फिर से चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। इलाके के छोटे होटल वालों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। आसपास के कुछ होटल गैस नहीं मिलने से बंद हो चुके हैं। होटल बिजनेस बंद हो रहा है।
मुझे अपने घर के सारे काम छोड़कर 3 घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। गैस नहीं होने से भूखा रहने की नौबत आ रही है।
सरकार गैस उपलब्धता को लेकर झूठ बोल रही है। कुछ गैस एजेंसी वाले पिछले दरवाजे से गैस सिलेंडर 2500 रुपए में बेच रहे हैं। सब कुछ जान समझकर भी कोई भी अधिकारी एक्शन नहीं लेता है। चिलचिलाती धूप में घंटों लाइन लगाकर भी गैस सिलेंडर मिले तो नसीब है।