भिवंडी मेयर चुनाव में बीजेपी ने कर दिया खेला! ऐन वक्त पर बदला उम्मीदवार, कांग्रेस से हाथ मिलाने की चर्चा तेज

Bhiwandi Mayor Election: भिवंडी मेयर चुनाव में बीजेपी का बड़ा दांव। ऐन वक्त पर उम्मीदवार बदला, कांग्रेस के साथ गुप्त समझौते की चर्चा। शिंदे सेना और नारायण चौधरी नाराज।
High drama in Bhiwandi Mayor election as BJP changes candidate at the last minute.
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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BJP Congress Bhiwandi Deal: भिवंडी महानगरपालिका के मेयर चुनाव में बीजेपी ने अपनी सहयोगी शिंदे सेना के साथ खेला कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी के नगरसेवकों की बगावत से कांग्रेस का महापौर बनना तय माना जा रहा है। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या यह बीजेपी की एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है।

20 फरवरी को भिवंडी महापालिका के महापौर पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने अपने महापौर पद के उम्मीदवार में बदलाव कर सभी को चौंका दिया है। बीजेपी ने इससे पहले नारायण चौधरी को महापौर पद का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था।

ऐन मौके पर बदला उम्मीदवार

उन्होंने भाजपा की ओर से महापौर पद के लिए अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया था। लेकिन बुधवार को चुनावी समीकरणों ने अचानक नया मोड़ ले लिया। बीजेपी भिवंडी शहर अध्यक्ष रविकांत सावंत ने महापौर पद के उम्मीदवार के तौर पर स्नेहा मेहुल पाटिल के नाम की घोषणा कर दी। इस संबंध में लिखित पत्र भाजपा शहर अध्यक्ष की ओर से पार्टी के सभी नगरसेवकों को सौंपा गया है।

भाजपा शहर अध्यक्ष रविकांत सावंत ने बताया कि अब स्नेहा मेहुल पाटिल ही भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के महापौर पद की भाजपा की आधिकारिक उम्मीदवार होंगी। महापौर चुनाव से पहले हुए इस बदलाव को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है और इससे भिवंडी की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म मिल गया है।

20 को महापौर का चुनाव

बीजेपी के नाराज नारायण चौधरी ने साफ कर दिया है कि महायुति की सरकार राज्य में है। इसके बावजूद भिवंडी में महापौर नहीं बन सकता है। उन्होंने कहा कि मैंने कई बार चर्चा भी की लेकिन परिस्थिति साफ नहीं हुई, भिवंडी के महपौर पद के लिए भिवंडी सेकुलर पार्टी से भी चर्चा करेंगे।

भिवंडी महानगरपालिका चुनाव में कांग्रेस के 30, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के 12, समाजवादी पार्टी के 6। भारतीय जनता पार्टी के 22, शिवसेना के 12, कोणार्क विकास आघाडी के 4, भिवंडी विकास आघाडी के 4 तथा 1 निर्दलीय नगरसेवक निर्वाचित हुआ हैं। भिवंडी महानगरपालिका में कुल 90 नगरसेवक हैं और बहुमत के लिए 46 नगरसेवकों का समर्थन आवश्यक है।

कांग्रेस के 30 और बीजेपी के 22 नगरसेवक मिलकर कुल 52 सीटें होती है, जबकि बहुमत का आंकड़ा 46 है। इसी आधार पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच ढाई-ढाई साल के लिए महापौर पद तथा अन्य महत्वपूर्ण पदों को बारी-बारी से साझा करने का फॉर्मूला तय होने की सूत्रों से जानकारी मिल रही है।

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