Thane Municipal Election: नए चेहरों की एंट्री, कई पूर्व नगरसेवक बाहर

Maharashtra Nikay Chunav: ठाणे मनपा चुनाव में इस बार कई पूर्व नगरसेवकों का टिकट कटा है। नए चेहरों को मौका मिला, कुछ जगह परिवारवाद दिखा, जबकि दबाव की राजनीति नाकाम रही।
ठाणे मनपा
ठाणे मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Local Body Election: ठाणे महानगर पालिका के चुनाव में इस बार नए चेहरों को मौका दिया गया है जिसकी वजह से कई पूर्व नगरसेवकों को घर बैठना पड़ा है। हालांकि कुछ स्थानों पर परिवारवाद का असर दिखाई दिया है।

शिवसेना-भाजपा महायुति एवं शिवसेना (यूबीटी) मनसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) महाविकास आघाडी के टिकट बंटवारे में दबाव तंत्र काम नहीं आया है। दोनों गठबंधन ने जिताऊ उम्मीदवारों पर ही दांव लगाया है, हालांकि महायुति एवं महाविकास आघाड़ी से नाराज लोगों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का सहारा मिला है।

ठाणे में विभिन्न राजनीतिक दलों के मौजूदा नगरसेवकों का पत्ता कट गया है। कुछ पूर्व नगरसेवकों ने अपने परिवार के सदस्यों को मनपा चुनाव मैदान में उतारने के लिए एक कदम पीछे खींच लिया है। घोड़बंदर रोड वार्ड नंबर 1 से शिवसेना (यूबीटी) के नरेश मनेरा ने राजनीति से संन्यास ले लिया है।

सरनाईक के करीबी दरकिनार

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के करीबी पूर्व नगरसेविका आशा डोंगरे की जगह शीतल धामले को उम्मीदवारी दी गयी है। इसी तरह रुचिता मोरे की जगह उनके पति राजेश मोरे ने नामांकन पत्र दाखिल किया है।

वागले इस्टेट क्षेत्र में शिवसेना ने पूर्व नगरसेविका मनीषा काबले, प्रभा बोरिटकर और माणिक पाटिल की उम्मीदवारी को नकारते हुए कांग्रेस से शिवसेना में शामिल हुए विपक्ष के नेता रहे मनोज शिंदे और उनके भाई को टिकट दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में मनोज शिंदे तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ निर्दलीय मैदान में उतरे थे। कलवा से पूजा करसुले, मंगल कलमे, प्रमिला केणी का टिकट काट दिया गया।

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