मोटरसाइकल दुर्घटना में महिला की मौत पर परिजनों को 19.72 लाख मुआवजा दे: एमएसीटी
Maharashtra MACT Compensation: ठाणे जिले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मोटरसाइकल दुर्घटना में 42 साल की महिला के मौत पर उसके परिजनों को 19.72 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
मोटरसाइकल दुर्घटना में महिला की मौत पर उसके परिजनों को 19.72 लाख मुआवजा दे: (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Thane News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने मोटरसाइकल दुर्घटना में 42 साल की महिला के मौत पर उसके परिजनों को 19.72 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह दुर्घटना साल 2020 में हुई थी। एमएसीटी के सदस्य आर वी मोहिते ने मोटरसाइकल के मालिक और बीमाकर्ता (आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) को दावा दायर करने के दिन से प्रतिवर्ष नौ प्रतिशत ब्याज के साथ संयुक्त रूप से और अलग-अलग मुआवजा भुगतान करने का आदेश दिया।
यह आदेश 23 सितंबर को दिया गया जिसकी प्रति शनिवार को प्राप्त हुई। पीड़िता शिवानी संदीप पश्ते 19 नवंबर,2020 को मोटरसाइकल पर पीछे बैठी थीं तभी लापरवाही से वाहन चलाने के कारण मोटरसाइकिल फिसल गई। इससे पश्ते को गंभीर चोटें आई। कुछ दिन बाद मुंबई के जे जे अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला ठाणे नगर परिवहन सेवा में परिचालक के पद पर कार्यरत थीं। न्यायाधिकरण ने कहा कि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल फिसल गई और पश्ते गिर गईं जिससे उनके सिर में चोट लग गई।
न्यायाधिकरण ने आपत्तियों को खारिज किया
न्यायाधिकरण ने कहा कि दुर्घटनास्थल पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन मोटरसाइकिल के मालिक के किसी चीज की परवाह नहीं की। इस मामले में मोटरसाइकिल मालिक के खिलाफ एकपक्षीय रूप से फैसला किया गया जिसके कारण बीमाकर्ता कंपनी ने दावे का विरोध किया। कंपनी ने कहा कि वाहन और चालक दुर्घटना में शामिल नहीं थे और चालक का लाइसेंस वैध नहीं था। हालांकि न्यायाधिकरण ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया है।
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19.72 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करने का आदेश
न्यायाधिकरण ने पश्ते की आय और परिवार में उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की गणना की। न्यायाधिकरण ने कहा कि मृतक एक कामकाजी महिला थी जो बहुत स्नेह और प्यार के साथ परिवार के सदस्यों की देखरेख करने के साथ घरेलू काम, अपने करियर और परिवार से जुड़ी ज्म्मेदारियों को भी निभाती थी।आदेश में कहा गया है कि महिला की आकस्मिक मृत्यु के कारण दावेदारों (महिला के परिजन) को नुकसान हुआ है। न्यायाधिकरण ने पश्ते के पति और दो बेटियों को 19.72 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करने का आदेश दिया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
