मेयो में कुत्तों का आतंक, डॉक्टरों को काटा, सड़क दुर्घटना मामले में पिता ने दी झूठी जानकारी

Stray Dog Bite Doctor in Mayo Hospital: नागपुर के इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय परिसर में ही नहीं बल्कि वार्ड और बरामदों में भी आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है।
Stray Dog Bite Doctor in Mayo Hospital: नागपुर के इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय परिसर में ही नहीं बल्कि वार्ड और बरामदों में भी आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है।
कुत्तों का आतंक (सौजन्य-नवभारत)
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Mayo Hospital: नागपुर के इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय परिसर में ही नहीं बल्कि वार्ड और बरामदों में भी आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। इस संबंध में नर्सों ने वैद्यकीय अधीक्षक को पत्र लिखकर अवगत कराया है। नर्सों ने बताया कि वार्ड 14 ए और दूसरी मंजिल पर स्थित वार्ड 14 में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। दुर्घटना विभाग की सीढ़ियों से चढ़कर वार्ड तक जाने का रास्ता है। कुत्ते सीढ़ी पर बैठे रहते हैं।

रात में कुत्तों का झुंड ही इकठ्ठा हो जाता है। भौंकते रहते हैं जिससे परिजनों और रिश्तेदारों में भी भय का माहौल बन गया है। भगाने के बाद भी ये नहीं जाते बल्कि भौंकते रहते हैं। पिछले कुछ दिनों में रेजिडेंट डॉक्टर और स्टाफ को कुत्तों द्वारा काटने की घटनाएं हुई हैं। इस वजह से सभी में भय का माहौल है। रात के वक्त ड्यूटी की शिफ्ट बदलती है।

इस वजह से नर्सों सहित डॉक्टरों का आना-जाना लगा रहता है लेकिन अकेले होने पर ये कुत्ते झपट्टा मारते हैं। कई बार गाड़ी के सामने से ही दौड़ते हैं। इस वजह से कुछ नर्सें गिरकर जख्मी भी हुई हैं। इन कुत्तों को परिसर से हटाने के लिए व्यवस्था करने की मांग की गई है।

पिता ने दी थी झूठी जानकारी, सड़क दुर्घटना में युवक की मौत का मामला

लकड़गंज थाना क्षेत्र में पारडी पुल के पास 2 दिन पहले रात करीब 9 बजे हुई सड़क दुघर्टना में महेन्द्र नामक युवक की मौत के मामले में पुलिस को पता चला कि सारा मामला शिकायत से अलग है। महेन्द्र के पिता ने पुलिस को अपनी शिकायत में कहा था कि महेन्द्र अपने दोपहिया वाहन (एमएच49/सीपी-5742) से जा रहा था। डिप्टी सिग्नल के पास रेलवे क्रॉसिंग का काम शुरू है। महेन्द्र अपने वाहन समेत फिसलकर यहीं बने एक गड्ढे में गिर गया।

उसके सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। 3 प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाने के बाद अंत में मेयो लाया गया जहां मृत घोषित किया। यह जानकारी उन्हें कंपनी के उसके सुपरवाइजर ने दी थी। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार की गलती बताकर जमकर हंगामा किया। हालांकि पुलिस जांच में सामने आया कि महेन्द्र पारडी पुलिया से जा रहा था और अपने सामने चल रहे दोपहिया वाहन से टकराकर जख्मी होकर दम तोड़ दिया।

उसके मृत देह को यहां से रामदेवबाबा हॉस्पिटल लाया गया। सीसीटीवी फुटेज से सामने आया कि वह डिप्टी सिग्नल पुलिया के नीचे गया ही नहीं था और उसका दोपहिया वाहन फिसला भी नहीं था। इस प्रकार सामने आया कि गलत जानकारी के साथ लोगों ने धरना प्रदर्शन किया था।

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