तुमसर बाजार समिति में कामगारों का आंदोलन तेज, चरण वाघमारे पहुंचे समर्थन में, समाधान का आश्वासन
Mapari Labour Issue News: तुमसर कृषि उपज बाजार समिति में हमाल और मापारी कामगारों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। चरण वाघमारे ने आंदोलन स्थल पहुंचकर कामगारों को समाधान का आश्वासन दिया।
Tumsar market committee (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Tumsar Market Committee Protest: तुमसर कृषि उपज बाजार समिति में हमाल, मापारी आदि कामगारों की लंबित मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले कई दिनों से जारी इस आंदोलन को देखते हुए पूर्व विधायक चरण वाघमारे ने सोमवार को आंदोलन स्थल पहुंचकर कामगारों से विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कामगारों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को समझते हुए उन्हें जल्द हल करने के लिए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने बाजार समिति के सभापति भाऊराव तुमसरे के साथ चर्चा कर कामगारों की जायज मांगों को स्वीकार कर शीघ्र राहत देने की जिम्मेदारी निभाने की बात कही।
संयुक्त बैठक रही निष्फल
हमाल माथाडी कामगार कृती समिति द्वारा आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद बुधवार 13 मई को बाजार समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि यह बैठक बेनतीजा रहने से कामगारों में भारी नाराजगी फैल गई।
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बारिश में निकाला गया था पैदल मोर्चा
संचालक मंडल के विरोध में वैभव चोपकर के नेतृत्व में हमाल, मजदूर और मापारी कामगारों ने कृषि उपज बाजार समिति से तहसील कार्यालय तक तेज बारिश के बीच पैदल मोर्चा निकालकर जोरदार नारेबाजी की थी। इसके बाद भंडारा में जिला कलेक्टर के साथ हुई बैठक में कामगारों की मांगें मानने के स्पष्ट निर्देश बाजार समिति प्रशासन को दिए गए थे।
मापारी कामगारों के काम बंद आंदोलन
बावजूद इसके अब तक मांगें पूरी नहीं होने से आंदोलन जारी है। आंदोलन की आड़ में किसानों के शोषण का आरोप। हमाल और मापारी कामगारों के काम बंद आंदोलन के कारण बाजार समिति के आधिकारिक कामकाज प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। हालांकि आरोप है कि पर्दे के पीछे कुछ व्यापारी संचालक मंडल की मदद से धान की खरीदीबिक्री जारी रखे हुए हैं।
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कथित अभद्र व्यवहार
बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले संचालकों द्वारा कथित अभद्र व्यवहार किए जाने के बाद हमालों ने काम बंद कर दिया था। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी किसानों से समर्थन मूल्य से कम दर पर धान खरीद रहे हैं। कामगारों और किसानों का आरोप है कि इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा नुकसान गरीब हमालों और किसानों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने तथा हमालों की मांगों का जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
