
ठाणे मनपा (pic credit; social media)
Water Theft In Thane: ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में कई इलाकों में लोग पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान ने इस समस्या के लिए मनपा प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया है कि अधिकारियों की सांठगांठ से हर रोज 60 एमएलडी पानी की चोरी हो रहा है।
अधिकारियों को बड़ी रकम मिलने की वजह से पानी चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि पानी चोरी का यह सिलसिला पिछले 9 साल से लगातार चल रहा है।
प्रधान ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि एक हफ्ते के भीतर संबंधित अधिकारियों और पानी चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए एवं इस पानी की चोरी को रोका जाए, अन्यथा, हम उक्त स्थान पर जाकर पानी चोरी के लिए लगाए गए नल को तोड़ने का काम करेंगे।
एनसीपी (एसपी) कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में बताया कि ठाणे मनपा की पानी चोरी पिसे और टेमघर के बीच हो रही है। इस संबंध में पत्राचार करने के बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं क्योंकि उन्हें बड़ी रकम मिल रही है।
प्रधान ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से ठाणे शहर में पानी की आपूर्ति काफी हद तक कम हो गई है। इसके पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने पानी के लीकेज और पानी की चोरी की जांच के लिए एक समिति नियुक्त की। उस समिति की जांच में इस प्रकार की घटना सामने आई है। पत्रकार परिषद में जिला कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश पाटिल, युवा कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कदम, मकसूद खान उपस्थित थे।
प्रधान ने कहा कि ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में पानी की आपूर्ति करने के लिए भातसा नदी पर पिसे में एक छोटे से बांध से पानी उठाया जाता है और टेमघर में जल शुद्धिकरण केंद्र में लाया जाता है। यह शुद्ध पानी मानकोली में एमबीआर में संग्रहीत किया जाता है और फिर ठाणे शहर में वितरित किया जाता है।
ठाणे महानगरपालिका पिसे बांध से लगभग 280 से 310 मिलियन लीटर पानी उठा रही है। लेकिन ठाणेकरों को 250 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके पीछे मुख्य कारण हर दिन होने वाली 60 मिलियन लौटर पानी की चोरी है। उन्होंने बताया कि पिसे एवं टेमघर के बीच सोनाले, चौधरपाड़ा, बापांव, मुठवल, सावद, आमनेपाड़ा, किरावली, पीसे और देवरुंग जैसे गांव हैं। इन गांवों के आसपास के एयर वाल्वों को अवैध रूप से टैप किया गया है।
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