
Navi Mumbai Fake Doctor Case प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
Navi Mumbai Fake Doctor Case: नवी मुंबई के वाशी इलाके से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक वार्ड बॉय द्वारा ‘डॉक्टर’ बनकर इलाज करने के कारण 21 वर्षीय युवती को अपनी जान गंवानी पड़ी। महज 12वीं पास आरोपी ने खुद को चिकित्सा विशेषज्ञ बताकर युवती को गलत इंजेक्शन लगा दिए, जिसके कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई।
वाशी पुलिस ने इस फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर अब यह पता लगाया जा रहा है कि वह कब से इस जानलेवा धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था। मृतक युवती अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods) की समस्या से परेशान थी और इसी का इलाज कराने वह आरोपी के पास पहुंची थी।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी की पहचान संतोष पाष्टे के रूप में हुई है, जो पहले एक अस्पताल में वॉर्ड बॉय के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान उसने इंजेक्शन लगाने और कुछ दवाओं के नाम सीख लिए और फिर खुद का क्लिनिक या निजी प्रैक्टिस शुरू कर दी। जब युवती उसके पास आई, तो उसने बिना किसी मेडिकल टेस्ट के उसे एमसेट (Emset) और डायनापार (Dynapar) के इंजेक्शन सीधे नस (IV) में लगा दिए। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डॉक्टरी परामर्श और सही खुराक के ये इंजेक्शन शरीर में घातक प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं।
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इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद युवती को तेज घबराहट होने लगी और उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उसके शरीर में गंभीर संक्रमण (Sepsis) फैल गया। घबराए हुए परिजन उसे तुरंत वाशी के पीकेसी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया और पुलिस को सूचित किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गलत दवा के कारण शरीर में हुई घातक प्रतिक्रिया और संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने संतोष पाष्टे को धर दबोचा।
नवी मुंबई के वाशी पुलिस ने बताया कि आरोपी संतोष ने केवल 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की है और उसके पास इलाज करने का कोई कानूनी लाइसेंस नहीं है। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब उन मरीजों की तलाश कर रही है जिन्होंने पूर्व में इस फर्जी डॉक्टर से इलाज कराया था। नवी मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सस्ते इलाज के लालच में न आएं और हमेशा डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर और क्लिनिक की वैधता जांचने के बाद ही उपचार कराएं।






