ग्वालियर के नवग्रह पीठ कलश यात्रा में मची भगदड़, एक महिला की मौत; मंदिर में चल रही थी प्राण प्रतिष्ठा

Gwalior Stampede: एमपी के ग्वालियर के डबरा में मंगलवार को नवग्रह पीठ की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में निकाली जा रही कलश यात्रा के दौरान भगदड़ मच गई। हादसे में एक महिला की जान चली गई और कई घायल हो गए
gwalior stampede case
ग्वालियर नवग्रह पीठ की कलश यात्रा में भगदड़, फोटो- सोशल मीडिया
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Navgrah Peeth Gwalior Stampede: ग्वालियर के डबरा में धार्मिक उत्सव की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के सौजन्य से आयोजित नवग्रह पीठ के भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की कलश यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ अनियंत्रित होने के कारण मची भगदड़ में दबने से एक महिला की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हैं।

यह हादसा उस समय हुआ जब कलश यात्रा की शुरुआत के लिए महिलाएं एक मैदान में सुबह से जुटी हुई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैदान का गेट काफी समय से बंद था और जैसे ही कलश यात्रा के लिए गेट खोला गया, हजारों की संख्या में मौजूद महिलाएं अचानक बाहर निकलने के लिए भाग पड़ीं।

कैसे हुआ हादसा?

बताया जा रहा है कि गेट खुलते ही अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और बाहर निकलने के चक्कर में महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगीं। भीड़ इतनी बेकाबू थी कि गिर चुकी महिलाओं को कुचलते हुए लोग ऊपर से निकलने लगे, जिससे कई महिलाएं गंभीर रूप से दब गईं।

एक की मौत, कई घायल

इस हादसे में हनुमान कॉलोनी की रहने वाली रति साहू की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई। उनके शव को अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर कलश यात्रा स्थल पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। भगदड़ में घायल अन्य महिलाओं में विमला और कला बाथम की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज डबरा अस्पताल में चल रहा है। कुल मिलाकर छह से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है।

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

इतने बड़े धार्मिक आयोजन में प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों की पोल खुल गई है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि भीड़ के अनुपात में पुलिस बल और बैरिकेडिंग नाकाफी थी, जिसके कारण स्थिति पूरी तरह अनियंत्रित हो गई। श्रद्धालुओं के परिजनों का कहना है कि प्रशासन ने इतने बड़े जनसैलाब के प्रबंधन के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे, जिसका खामियाजा एक मासूम जान को भुगतना पड़ा।

विश्व का इकलौता मंदिर, नरोत्तम मिश्रा का भव्य प्रोजेक्ट

डबरा के भितरवार रोड पर बना यह नवग्रह मंदिर 13 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैला है। दावा किया जा रहा है कि यह विश्व का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां सभी नौ ग्रह अपनी-अपनी पत्नियों के साथ अलग-अलग कक्षों में विराजमान हैं। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 20 फरवरी तक आयोजित करा रहे थे। हादसे के बाद मिश्रा ने एक्स और फेसबुक पर कलश यात्रा की भव्यता की तस्वीरें साझा करते हुए इसे 'धर्ममय वातावरण' बताया, हालांकि भगदड़ की घटना ने श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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