BJP Historic Victor:मीरा-भाईंदर महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Municipal Election: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अप्रत्याशित और ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। गुरुवार को हुए मतदान में 48.64 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 95 सदस्यीय सदन में भाजपा ने 78 सीटों पर कब्जा जमाकर यह स्पष्ट कर दिया कि शहर की जनता ने एकतरफा जनादेश दिया है। कांग्रेस 13 सीटों पर सिमट गई, शिवसेना को मात्र 3 सीटें मिलीं, जबकि 1 सीट निर्दलीय के खाते में गई।
चार सदस्यीय पैनल वाले 23 प्रभागों में से 18 प्रभागों में भाजपा ने पूरे पैनल के साथ जीत दर्ज की। यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे भाजपा के बागी उम्मीदवारों को मतदाताओं ने पूरी तरह नकार दिया। भाजपा को चुनौती देने वाले 9 बागियों में से 8 को करारी हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा ने शिवसेना के गढ़ माने जाने वाले प्रभाग 03, 10, 11 और 16 में भी सेंध लगाते हुए जीत दर्ज की। प्रभाग 07 से भाजपा के ध्रुवकिशोर पाटील ने लगातार छठी बार जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया। वहीं शिवसेना के बड़े चेहरे जिलाप्रमुख राजू भोईर, उनकी पत्नी भावना भोईर, भाई कमलेश भोईर और दिलीप भोईर सभी को पराजय का सामना करना पड़ा। शिवसेना के मीरा-भाईंदर विधानसभा प्रमुख विक्रम प्रताप सिंह की पत्नी निशा विक्रम सिंह को भी प्रभाग 13 में हार झेलनी पड़ी।
भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले मीना कांगने, विनोद म्हात्रे, रीटा शाह, प्रभात पाटील, गणेश भोईर, दौलत गजरे, प्रीति पाटील, सुनीता भोईर और रक्षा भूपतानी को मतदाताओं ने नकार दिया, जिससे पार्टी नेतृत्व को बड़ी राहत मिली।
इस चुनाव में कुल 22 पूर्व पार्षदों को हार का सामना करना पड़ा। इनमें भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा (अजीत पवार गुट) के कई दिग्गज शामिल हैं। पूर्व महापौर कैटलिन परेरा सहित कई स्थापित नेता जनता का भरोसा कायम नहीं रख सके। पराजित नेताओं में शिवसेना के राजू भोईर, भावना भोईर, कमलेश भोईर, दिलीप भोईर, तारा घरत, दिनेश नलावडे; भाजपा के मीरा देवी यादव; राकांपा (अजीत) के नरेश पाटील; कांग्रेस के अमजद शेख; तथा शिवसेना (यूबीटी) की नीलम ढवण शामिल हैं।
भाजपा से मानसी शर्मा, अशोक तिवारी, पंकज पांडे, मदन सिंह, कुसुम गुप्ता, श्रीप्रकाश सिंह, कविता त्रिपाठी, स्नेहा पांडे, नवीन सिंह, विवेक उपाध्याय और मनोज दुबे सहित कई उत्तर भारतीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जो शहर की बदलती राजनीतिक तस्वीर को दर्शाता है।
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इस चुनाव में बड़ी संख्या में पहली बार चुने गए उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। भाजपा, कांग्रेस और शिवसेना तीनों दलों से नए चेहरों को जनता का समर्थन मिला, जिससे नगर राजनीति में नई पीढ़ी की मजबूत एंट्री हुई। भाजपा से मानसी शर्मा, श्रद्धा कदम, जया रथीन, योगिता शर्मा, तरुण शर्मा, मेबल नोयल कोरिया, सुनीता जैन, परेश शाह, भरत कोठारी, भव्या पिपलिया, आभा पाटील, किमया रकवी, कोमल नावंधर, आकांक्षा विरकर, कविता त्रिपाठी, दीपक सावंत, महेश म्हात्रे, विशाल पाटील, सचिन डोंगरे, नवीन सिंह, प्रतिभा जाट, मनीष पराशर, विवेक उपाध्याय और संजय थरथरे; कांग्रेस से सुनील चौधरी, रिजवाना खान, सना देशमुख, जय ठाकुर, तारेन मेंडोंसा, आयरिन पॉल, आफरीन मुजफ्फर हुसैन सैय्यद, रुबीना शेख, अशरफ मिस्त्री, रफीक पठान और शॉन कोलासो; जबकि शिवसेना से फ्रीडा बर्नाड डिमेलो पहली बार चुनाव जीतने में सफल रहीं।
चुनावी नतीजों से यह साफ हो गया कि शिवसेना (यूबीटी), शिवसेना (शिंदे) और मनसे के बीच वोटों के बंटवारे का सीधा फायदा भाजपा को मिला। वर्ष 2017 में अविभाजित शिवसेना के पास 22 सीटें थीं, लेकिन इस बार शिवसेना (यूबीटी) का खाता तक नहीं खुला और शिवसेना (शिंदे) केवल 3 सीटों पर सिमट गई। कुल मिलाकर, मीरा-भाईंदर की जनता ने भाजपा को स्पष्ट जनादेश देकर शहर की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है।