rural education issues (सोर्सः सोशल मीडिया)
UDISE Report India: वर्धा जिले के सरकारी स्कूलों की स्थिति दिन-प्रतिदिन चिंताजनक होती जा रही है। हर वर्ष छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्ष 2024-25 में जिला परिषद और नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों में कुल 49,559 छात्र दर्ज किए गए थे, जबकि वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर 43,044 रह गई है। इस प्रकार एक वर्ष में 6,515 छात्रों की कमी दर्ज की गई है।
छात्र संख्या में इस तेजी से गिरावट ने सरकारी स्कूलों के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान शैक्षणिक सत्र समाप्ति की ओर है और शिक्षा विभाग नए सत्र की तैयारियों में जुट गया है। इसी बीच ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के शिक्षक छात्रों की तलाश में गांव-गांव जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि स्कूलों में नामांकन बढ़ाया जा सके।
छात्रों की घटती संख्या शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है। कम नामांकन के कारण कई स्कूलों को बंद करने की नौबत आ रही है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में शिक्षकों की नौकरियों पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नई योजनाएं शुरू करने से स्थिति में सुधार नहीं होगा। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देना होगा।
अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में भेज रहे हैं। यदि सरकार और प्रशासन जिला परिषद एवं नगर पालिका के स्कूलों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दें, तो इस स्थिति में सुधार संभव है।
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