Shiv Sena BJP Conflict:मीरा-भाईंदर मनपा चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
MBMC Election 2025: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका चुनाव अब केवल स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह सत्ता, प्रतिष्ठा और राजनीतिक वर्चस्व की सीधी लड़ाई में तब्दील हो चुका है। इस चुनावी रणभूमि में इस बार मुकाबला भाजपा बनाम शिवसेना से अधिक, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और मीरा-भाईंदर के विधायक नरेंद्र मेहता के बीच की व्यक्तिगत राजनीतिक जंग के रूप में सामने आ रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि दोनों नेता एक-दूसरे पर खुलकर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।
मंगलवार को आयोजित पत्रकार परिषद में मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधायक नरेंद्र मेहता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मेहता पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और इसकी पुष्टि के लिए विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ-पत्र का हवाला दिया।
सरनाईक ने कहा कि केंद्र और राज्य में हम साथ-साथ सरकार में हैं और ठाणे व वसई-विरार में महायुति के तहत चुनाव लड़े जा रहे हैं। इसी आधार पर मीरा-भाईंदर मनपा चुनाव में भी युति का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन विधायक मेहता ने अहंकार के चलते इसे ठुकरा दिया।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मेहता ने “बजरंगी भाईजान की पूंछ में आग लगा दी है”, जो उनके भ्रष्टाचार की पूरी लंका को जला देगी। सरनाईक ने मेट्रो परियोजना, सूर्या जलप्रकल्प और खेल संकुल में हुई एक युवक की मौत जैसे मामलों को लेकर भी विधायक पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मंत्री सरनाईक के आरोपों के तुरंत बाद विधायक नरेंद्र मेहता ने अलग पत्रकार परिषद कर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले मंत्री सरनाईक को अपने कृत्यों पर नजर डालनी चाहिए। मेहता ने 2019 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सरनाईक पर विश्वासघात का आरोप लगाया और कहा कि इसी वजह से मनपा चुनाव में युति नहीं की गई। उन्होंने टाउन पार्क (शिवार गार्डन), सड़क निर्माण, कोरोना काल के कथित खिचड़ी और टेंट घोटालों को लेकर भी सरनाईक पर आरोप लगाए। मेहता ने दावा किया कि जनता ने 2024 में एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है और वे शहर के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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इस दौरान विधायक मेहता ने प्रभाग क्रमांक 8 में शिवसेना और कांग्रेस की कथित छुपी युति की तस्वीर भी साझा की, जिसमें विभिन्न दलों के उम्मीदवार एक साथ प्रचार करते नजर आ रहे हैं।
मीरा-भाईंदर मनपा चुनाव में मंत्री और विधायक के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने वाला है। अब देखना यह होगा कि जनता विकास और विश्वास के सवाल पर किसके पक्ष में फैसला सुनाती है।