Alliance In Ulhasnagar:उल्हासनगर मनपा चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया
Ulhasnagar Municipal Election: उल्हासनगर में शिंदे गुट की शिवसेना और पूर्व विधायक पप्पू कालानी के पुत्र ओमी कालानी के नेतृत्व वाली टीम ओमी कालानी (TOK) के बीच विगत लोकसभा चुनाव से गठबंधन चला आ रहा है, जिसे ‘दोस्ती का गठबंधन’ नाम दिया गया है। बाद में इस गठबंधन में साई पार्टी को भी शामिल किया गया। तीनों दलों ने भाजपा को गठबंधन से बाहर रखते हुए सीट शेयरिंग का फार्मूला तय किया था, जिसके चलते भाजपा ने अलग चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
हालांकि, उल्हासनगर मनपा चुनाव में ‘दोस्ती का गठबंधन’ अब समन्वय के अभाव से जूझता नजर आ रहा है। वार्ड नंबर 5 और 9 में गठबंधन में शामिल दलों के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर गए हैं। एक ओर कालानी ग्रुप के उम्मीदवार शिवसेना के धनुष-बाण चुनाव चिन्ह पर प्रचार कर रहे हैं, वहीं साई पार्टी के उम्मीदवार दूरदर्शन (टीवी) चुनाव चिन्ह पर उसी वार्ड में मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। इससे मतदाताओं में भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
इस बार भी उल्हासनगर मनपा चुनाव में शिवसेना और भाजपा आमने-सामने हैं, लेकिन समीकरण बदले हुए हैं। पिछले चुनाव में भाजपा के साथ रहे साई पार्टी और कालानी ग्रुप इस बार शिवसेना के साथ हैं, जिससे चुनावी मुकाबला अधिक रोचक हो गया है। कालानी ग्रुप ने वर्ष 2019 से शिवसेना को खुला समर्थन दिया है, जो लोकसभा चुनाव में भी जारी रहा।
मनपा चुनाव की तैयारियों के दौरान शिवसेना, कालानी ग्रुप और पूर्व उपमहापौर जीवन इदनानी की साई पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर चर्चा हुई थी। अंततः कालानी ग्रुप और साई पार्टी ने शिवसेना के साथ सीट शेयरिंग करते हुए अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे। उम्मीद थी कि नामांकन वापसी के दौरान तालमेल बैठा लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
ये भी पढ़े: Nikay Chunav प्रचार में बोले आशीष शेलार, ठाणे में विपक्ष उंगलियों पर भी सीट नहीं गिन पाएगा
परिणामस्वरूप, वार्ड 5 और 9 में गठबंधन के भीतर ही मुकाबला बन गया है। जहां शहर स्तर पर ‘दोस्ती का गठबंधन’ का प्रचार जोरों पर है, वहीं स्थानीय स्तर पर दो अलग-अलग चुनाव चिन्हों पर प्रचार होने से उम्मीदवारों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है और वोटरों में भ्रम बना हुआ है।